धान रोपाई के बाद 72 घंटे क्यों इतने नाजुक? प्रिटिलाक्लोर का ये अचूक फॉर्मूला नहीं उगाने देगा खरपतवार
धान रोपाई के बाद किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती खरपतवारों की होती है. अगर शुरुआती दिनों में ही इन पर काबू न पाया जाए, तो ये फसल की लागत बढ़ाते हैं और पैदावार को आधा कर देते हैं. लोकल 18 ने इस बारे में शाहजहांपुर के प्रगतिशील युवा किसान रनजोद सिंह से बात की. वे बताते हैं कि धान की फसल में शुरुआती 20 से 25 दिन बेहद नाजुक होते हैं. इस दौरान अगर खरपतवार उग आते हैं, तो वे मिट्टी के पोषक तत्वों, धूप और पानी को सोख लेते हैं, जिससे मुख्य फसल कमजोर हो जाती है. रोपाई के तुरंत बाद प्री-इमर्जेंस यानी उगने से पहले वाले खरपतवार नाशक जैसे प्रिटिलाक्लोर (Pretilachlor) या ब्यूटाक्लोर (Butachlor) का छिड़काव कर दें. यह रसायन मिट्टी की ऊपरी सतह पर एक ऐसी परत बना देता है जो खरपतवार के बीजों को अंकुरित ही नहीं होने देता.