हमीरपुर पुलिस के लिए काल बनी थर्ड डिग्री, अब अखिलेश यादव ने उठाया मुद्दा
Last Updated:
Hamirpur Police News: हमीरपुर पुलिस इस वक्त सुर्खियों में है क्योंकि वह जिस शख्स को गिरफ्तार करने पहुंची थी, उसकी जगह किसी और को उठा ले गई और फिर उसे इतनी यातना दी कि उसकी तबीयत खराब हो गई. अब वह अस्पताल में भर्ती है. वहीं मामला सामने आने के बाद पुलिस की हर जगह किरकिरी हो रही है.
हमीरपुर पुलिस की थर्ड डिग्री से शिवराज की तबीयत हुई खराब.
हमीरपुरः निर्दोष युवक को कथित थर्ड डिग्री देने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए घटना को बेहद दुखद, निंदनीय और शर्मनाक बताया है. उन्होंने लिखा कि हमीरपुर में पुलिस ने कथित तौर पर एक बेगुनाह व्यक्ति को थर्ड डिग्री प्रताड़ना दी है. साथ ही उन्होंने मामले में जिम्मेदार थाने के सभी दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की है.
अखिलेश यादव ने सीएम योगी से की कार्रवाई करने की मांग
अपने बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने प्रशासन को संवेदनशील और जवाबदेह बनने की बात कही थी. लेकिन इस तरह की घटनाएं व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए मामले में कार्रवाई करने की मांग भी की. मामला सामने आने के बाद इस घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं. वहीं लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
क्या है पूरा विवाद
हमीरपुर के सदर कोतवाली पुलिस पर आरोप है कि साल 2018 के शिवराज नाम के वारंटी को पकड़ने के लिए टीम निकली थी. लेकिन उसी मोहल्ले के हमनाम को उठा लाई. मामला तब और गंभीर हो गया, जब थाने में थर्ड डिग्री देने के आरोप लगे और युवक की तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल से कानपुर रेफर करना पड़ा. घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में हैं. जबकि पुलिस और पीड़ित पक्ष के दावे पूरी तरह अलग-अलग हैं.
परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के मेरापुर मोहल्ले की है. परिजनों के मुताबिक पुलिस वर्ष 2018 के एक मामले में वारंटी शिवराज की तलाश में घर पहुंची थी. परिवार ने पुलिस को समझाने की कोशिश की कि जिस युवक को पकड़ा जा रहा है, वह, वह व्यक्ति नहीं है, जिसके खिलाफ वारंट जारी है. आरोप है कि पुलिस ने उनकी बात नहीं मानी और शिवराज को अपने साथ थाने लेकर चली गई. परिजनों का कहना है कि थाने के भीतर युवक के साथ मारपीट की गई. उनकी बहन रूपा का आरोप है कि बाद में पुलिस ने खुद स्वीकार किया कि गलती से दूसरे शिवराज को पकड़ लिया गया था.
About the Author

Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें