लहलहा उठेगी गेहूं की फसल, बस मान लें कृषि वैज्ञानिक की ये बेशकीमती सलाह

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लहलहा उठेगी गेहूं की फसल, बस मान लें कृषि वैज्ञानिक की ये बेशकीमती सलाह


Agency:News18 Uttar Pradesh

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तेजी से बदल रहे मौसम ने सभी फसलों को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन इसकी मार सबसे ज्यादा गेहूं पर पड़ी है. गेहूं की फसल बदलते मौसम में काफी प्रभावित हुई है.

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गेहूं की फसल। 

हाइलाइट्स

  • बदलते मौसम में गेहूं की फसल को नमी बनाए रखें.
  • गेहूं की फसल में 1 किलोग्राम पोटाश प्रति एकड़ दें.
  • फसल की विशेष निगरानी और पोटाश का उपयोग करें.

बागपत: तेजी से बदल रहे मौसम ने प्रत्येक फसल को प्रभावित किया है.  इसमें सबसे अधिक प्रभावित फसल गेहूं की है और इसका असर भी किसानों के खेतों में साफ देखा जा रहा है. ऐसे में बदल रहा मौसम किसानों के लिए परेशानी का सबब बना है. इस बीच कृषि वैज्ञानिक ने बदलते मौसम में किसान की गेहूं की फसल के लिए ऐसा उपाय बताया है, जिससे किसान की फसल की वृद्धि और उत्पादक क्षमता तेजी से बढ़ाई जा सकती है.

जरूरी मात्रा में फसलों को पानी दें

कृषि वैज्ञानिक विकास कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में किसान की गेहूं की फसल काफी प्रभावित हो रही है. ऐसे में फसल को बचाने के लिए किसानों को जरूरी उपाय करने चाहिए. डॉक्टर ने बताया कि पहले किसानों को अपनी फसल में जरूरी मात्रा में पानी देना चाहिए, जिससे फसल में हमेशा नमी बनी रहे, जिससे बदलते मौसम का दुष्प्रभाव फसल पर कम हो.

फसल के लिए पोटाश जरूरी

वहीं उन्होंने बताया कि फसल को पोटाश जरूरी मात्रा में दिन 0050 पोटाश को 1 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से गेहूं की फसल में दें, जिससे गेहूं का पौधा स्वस्थ होगा और गेहूं की फसल में होने वाले नुकसान से बचा जा सकेगा और बदलते मौसम का भी दुष्प्रभाव गेहूं की फसल पर नहीं पड़ेगा. इससे  किसानों की फसल अच्छी होगी. उसकी उत्पादक क्षमता भी तेजी से बढ़ेगी. वहीं उन्होंने किसानों से अपील करते हुए गेहूं कि फसल की विशेष निगरानी कर पोटाश के इस्तेमाल की बात कही है.

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