बलिया तहसील में किसान की गुम हुई फाइल, कॉल कर बुलाया पुलिस, बोला- गेहूं बेचकर फीस भरता हूं

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बलिया तहसील में किसान की गुम हुई फाइल, कॉल कर बुलाया पुलिस, बोला- गेहूं बेचकर फीस भरता हूं


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Ballia News: बलिया के सुखपुरा थाना क्षेत्र के पटखौली गांव निवासी नवीन कुमार राय उर्फ चुना राय ने बताया कि वह एक छोटे, अनपढ़ किसान और मजदूर हैं. उनकी क्षमता विवाद या झगड़ा करने की नहीं है. इसलिए कोई भी दिक्कत होने पर वह अदालत का सहारा लेते है. उन्होंने कहा कि समस्या होने पर अदालत और पुलिस प्रशासन ही याद आते हैं. वह रोज अपनी फाइल ढूंढने तहसील आते थे. उनकी फाइल एक ही दिन में खारिज और आदेशित हो गई थी. लेकिन उसे दबाकर रखा गया था.

बलिया: बलिया जिले की सदर तहसील में एक अनोखे किसान फरियादी ने ऐसा हंगामा किया कि सभी लोग अपना काम छोड़कर उसे देखने लगे. उनके भोजपुरी बोलने के अंदाज़ ने सबका ध्यान खींचा. यह किसान अपने अजीबोगरीब कामों के लिए अक्सर चर्चा में रहता है. कभी घायल जानवरों को सड़क से उठाकर ले जाता है तो कभी सीमा पर लड़ रहे जवानों के लिए डीएम के माध्यम से अनाज भेजता है और कभी चुनाव लड़ने के लिए सिक्योरिटी जमा करने हेतु डीएम को भूसा और अनाज बेचता है.

पिछले डेढ़ महीने से इस किसान फरियादी की फाइल तहसील से गायब थी. जिसके लिए वह रोज तहसील के चक्कर लगा रहा था. जब सब्र का बांध टूट गया तो किसान ने 112 नंबर पर फोन कर दो पुलिसकर्मियों को बुलाया और उनसे फाइल गायब करने वाले चोरों पर कार्रवाई की बात करने लगा. किसान ने कहा कि उसे पुलिस पर बहुत भरोसा है. इसलिए उसकी फाइल ढूंढी जाए.

फरियादी ने पुलिस को पूरी तहसील घुमा दिया. यह हंगामा काफी देर तक चला. आखिरकार पूरी तहसील हरकत में आई और बलिया के चर्चित किसान फरियादी नवीन कुमार राय उर्फ चुना राय की फाइल मिल गई. उनके मुताबिक इस फाइल को ढूंढने के लिए उन्हें एक क्विंटल अनाज बेचना पड़ा. इस तरह की लापरवाही के लिए तहसील के कई जिम्मेदार अधिकारियों पर पहले भी गाज गिर चुकी है.

बलिया के सुखपुरा थाना क्षेत्र के पटखौली गांव निवासी नवीन कुमार राय उर्फ चुना राय ने बताया कि वह एक छोटे, अनपढ़ किसान और मजदूर हैं. उनकी क्षमता विवाद या झगड़ा करने की नहीं है. इसलिए कोई भी दिक्कत होने पर वह अदालत का सहारा लेते है. उन्होंने कहा कि समस्या होने पर अदालत और पुलिस प्रशासन ही याद आते हैं. वह रोज अपनी फाइल ढूंढने तहसील आते थे. उनकी फाइल एक ही दिन में खारिज और आदेशित हो गई थी. लेकिन उसे दबाकर रखा गया था.

पूछने पर उन्हें केवल आश्वासन मिलता था. उन्होंने बताया कि रोज वकील की फीस देने के लिए उन्हें 25 रुपये किलो गेहूं बेचना पड़ता है. उन्होंने कहा कि उनकी जमीन से जुड़ी समस्या है. जिसमें गड़बड़ी की जा रही है. फाइल खोजते-खोजते उन्हें 1 क्विंटल गेहूं बेचना पड़ा है. आज बहुत मानसिक प्रताड़ना झेलने के बाद उन्होंने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को बुलाया और तहसील में हंगामा किया.

उनका कहना था कि पेशकार ने ही उनकी फाइल चुराई है और इस पूरी तहसील के मालिक एसडीएम हैं. वह भी नहीं सुन रहे हैं तो फाइल चोरी में उनका भी योगदान है. इसलिए इन लोगों को कोतवाली ले चलना चाहिए. हालांकि इस हंगामे को देखकर पुलिस के भी होश उड़ गए थे. हालांकि दस दिन पहले भी वह तहसील दिवस पर दो आवेदन लेकर गए थे. जिन्हें फाड़कर फेंक दिया गया था. उन्हें रसीद तक नहीं दी गई और न ही कोई कार्रवाई हुई थी.

उन्होंने कहा कि तहसील में सभी अधिकारी फरियादियों को गुमराह करने के लिए बैठे हैं. न जाने कब गरीब किसानों की सुनवाई होगी या नहीं होगी. उन्होंने आगे कहा कि तहसील में केवल अटैची वालों को पूछा जा रहा है. झोले वालों का बहिष्कार किया जा रहा है.

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Manish Rai

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें



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