UP 2027: BJP की सबसे बड़ी ताकत क्या, सबसे बड़ा खतरा कहां? समझिए पूरा सियासी समीकरण
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UP politics 2027: ‘का कहत बा यूपी’? सीरीज़ के तीसरे पार्ट में हम बीजेपी पार्टी पर फोकस कर रहे हैं. और जब यूपी का विधानसभा चुनाव अब कुछ महीनों दूर है तो सवाल यह है कि 2027 की तरफ बढ़ते यूपी में BJP की सबसे बड़ी ताकत क्या है और सबसे बड़ा खतरा कहां छिपा है. तो बिना देर किए समझते हैं पूरा सियासी समीकरण.
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UP 2027: का कहत बा यूपी? | Part 3
उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है. लेकिन उसकी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है. 2024 के लोकसभा चुनाव नतीजों से मिले झटके के बाद बीजेपी अभी से अलर्ट मोड में है. राज्य में अपनी खोई हुई जमीन को दोबारा साधना उसका मकसद है. एक तरफ समाजवादी पार्टी अपने ‘PDA’ फॉर्मूले के जरिए पूरे राज्य में साइकिल का माहौल बना रही है. तो दूसरी तरफ बसपा भी दलित वोटबैंक के साथ खुद के लिए मैदान तैयार करने में लगी है. खुद कांग्रेस की बात भले ही राज्य में मुख्य विपक्षी के तौर पर न हो रही हो, लेकिन विपक्षी खेमे में उसकी प्रासंगिकता एक ‘कैटालिस्ट’ की तरह बनी हुई है.
ऐसे में हमारी सीरीज ‘UP 2027: का कहत बा यूपी?’ के इस तीसरे पार्ट में हम इसी सवाल को खंगालेंगे कि बीजेपी का इस सियासी मैदान पर सबसे बड़ी ताकत क्या है और पार्टी के लिए सबसे बड़ा खतरा भी कहां छिपा है? क्योंकि यह चुनाव सिर्फ विपक्ष की चुनौती नहीं, बल्कि बीजेपी के लिए अपनी ही जमीन को फिर से परखने का इम्तिहान भी है. तभी तो इसी सियासी सरगर्मी के बीच जुलाई 2026 के पहले सप्ताह में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन लखनऊ तक दौरा करने आ गए. जिससे साफ संदेश यह है कि 2027 की यह ‘महाजंग’ के लिए बीजेपी कितनी गंभीर है. इस बार बीजेपी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती. अब बिना देर किए समझते हैं कि आखिर 2024 के नतीजों के बाद भाजपा ने यूपी को किस नजरिए से देखना शुरू किया है? जानें पूरा समीकरण.