मिर्जापुर: पर्यटकों के लिए फिर खुले लखनिया और सिद्धनाथ दरी वॉटरफॉल

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मिर्जापुर: पर्यटकों के लिए फिर खुले लखनिया और सिद्धनाथ दरी वॉटरफॉल


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Mirzapur Waterfalls: मानसून के इस खुशनुमा मौसम में प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक बेहद शानदार खबर है. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित दो विश्व प्रसिद्ध वॉटरफॉल ‘लखनिया दरी’ और ‘सिद्धनाथ की दरी’ को सैलानियों के लिए दोबारा खोल दिया गया है. सुरक्षा कारणों से लंबे समय से बंद पड़े इन दोनों वॉटरफॉल्स पर पुख्ता इंतजाम पूरे होने के बाद जिला प्रशासन ने यह हरी झंडी दी है. अब सैलानी एक बार फिर इन खूबसूरत वादियों के बीच पानी की कल-कल और पहाड़ियों की हरियाली का दीदार कर सकेंगे.

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित दो प्रसिद्ध वॉटरफॉल अब सैलानियों के लिए खोल दिए गए हैं. दोनों वॉटरफॉल पर सुरक्षा के मद्देनजर रोक लगाई गई थी. हालांकि, सुरक्षा को लेकर इंतजाम पूरे कर लिए जाने के बाद अब इन्हें दोबारा सैलानियों के लिए खोल दिया गया है, जहाँ सैलानी दोनों वॉटरफॉल का दीदार कर सकेंगे.

मिर्जापुर जिले की विश्व प्रसिद्ध ‘लखनिया दरी’ सैलानियों के लिए सबसे खास है. यहां पर दूर-दूर से घूमने के लिए पर्यटक आते हैं और दरी के पानी में जल-क्रीड़ा करके आनंद उठाते हैं. हालांकि, सुरक्षा के मद्देनजर लोगों के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी, जिसकी वजह से करीब 4 महीने तक यह वॉटरफॉल पूरी तरीके से बंद रहा. अब दोबारा इस वॉटरफॉल को सैलानियों के लिए खोल दिया गया है.

लखनिया दरी वॉटरफॉल वाराणसी की सीमा (बॉर्डर) पर स्थित है. ऐसे में यहां पर घूमने के लिए ज्यादातर सैलानी वाराणसी से आते हैं, यहां तक कि विदेशों से भी घूमने के लिए सैलानी यहां पहुंचते हैं. लखनिया दरी में स्थित ‘चुना दरी’ को बेहद खतरनाक माना जाता है. चुना दरी में डूबने से कई सैलानियों की मौत हो चुकी है, जिसे लेकर जिला प्रशासन द्वारा यहां आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी.

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लखनिया दरी में सुरक्षा इंतजाम पूरे कर लिए जाने के बाद इसे दोबारा पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है. पर्यटक अब करीब से घूमकर यहां का आनंद उठा सकते हैं. बाटी-चोखा बनाने सहित पिकनिक मनाने के लिए यह सबसे बेहतरीन जगह है. पहाड़ियों से घिरा हुआ यह फॉल पर्यटकों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं माना जाता है, जहाँ आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ घूम सकते हैं.

सत्तेशगढ़ में स्थित ‘सिद्धनाथ की दरी’ में भी सैलानियों के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी. हालांकि, कुछ दिनों के बाद ही सिद्धनाथ की दरी को सैलानियों के लिए दोबारा खोल दिया गया है. यहां पर भी काफी संख्या में सैलानी घूमने के लिए पहुंच रहे हैं.

सिद्धनाथ की दरी का नजारा किसी स्वर्ग से कम नहीं है. यहां पर दूर से पानी आता है और पहाड़ों से टकराते हुए करीब 100 फीट नीचे गिर जाता है. यही वजह है कि यहाँ पर काफी संख्या में लोग घूमने के लिए पहुंचते हैं और फॉल का दीदार करते हैं.

सिद्धनाथ की दरी भी खूबसूरत पहाड़ियों के बीच में बसी हुई है. यहां पर ऊंचाई से गिरते हुए पानी की आवाज आपको मंत्रमुग्ध कर देगी. पानी की यह गूंज सुनने के बाद आपका यहां से जाने का मन नहीं करेगा. यही वजह है कि वाराणसी, प्रयागराज सहित आसपास के जनपदों से पर्यटक यहां पर अपने परिवार और दोस्तों के साथ वीकेंड पर घूमने के लिए पहुंचते हैं.

अगर आप मिर्जापुर जिले के सफर पर आ रहे हैं, तो वाराणसी बॉर्डर के पास स्थित इन दो वॉटरफॉल्स को घूमना बिल्कुल भी न भूलें. ये दोनों वॉटरफॉल बेहद खास हैं और पर्यटकों के लिए सबसे उत्तम जगह हैं. पिकनिक मनाने के लिए भी इस जगह को बेहद मुफीद माना जाता है.

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