राम मंदिर दान चोरी का ‘साइड इफेक्ट’; होटल और पर्यटन कारोबार में मंदी
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Ram Mandir: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद भले ही रामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ में कोई कमी नहीं आई है, लेकिन इसका सीधा असर अयोध्या के स्थानीय व्यापार पर दिखने लगा है. होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे संचालकों का दावा है कि श्रद्धालुओं के ठहरने की अवधि कम हो गई है, जिससे पर्यटन आधारित कारोबार मंदी की मार झेल रहा है.
अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद भले ही रामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई बड़ी कमी नहीं आई है, लेकिन अयोध्या के होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे कारोबार पर इसका असर दिखाई देने का दावा स्थानीय कारोबारियों ने किया है. होटल संचालकों का कहना है कि पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या में एक या दो दिन रुककर दर्शन, पूजन और अन्य धार्मिक स्थलों का भ्रमण करते थे. लेकिन अब अधिकांश श्रद्धालु दर्शन के बाद उसी दिन वापस लौट रहे हैं. इससे होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट और अन्य पर्यटन आधारित कारोबार प्रभावित हुए हैं.
अयोध्या होटल एसोसिएशन के महासचिव पंकज गुप्ता ने बताया कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी जैसी घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. लेकिन इस घटना से श्रद्धालुओं की आस्था पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है. बड़ी संख्या में लोग आज भी रामलला के दर्शन करने पहुंच रहे हैं. हालांकि, इसका असर स्थानीय व्यापार पर साफ दिखाई देने लगा है.
अब नहीं रुकते हैं श्रद्धालु
उन्होंने कहा कि पहले श्रद्धालु परिवार के साथ आते थे. होटल, गेस्ट हाउस या होमस्टे में रात्रि विश्राम करते थे. इससे स्थानीय व्यापारियों, होटल संचालकों और रेस्टोरेंट व्यवसायियों को लाभ होता था, लेकिन अब बड़ी संख्या में श्रद्धालु केवल दर्शन कर उसी दिन वापस लौट रहे हैं. इससे कमरों की बुकिंग में गिरावट आई है. होटल कारोबार पहले की तुलना में धीमा पड़ गया है.
पंकज गुप्ता के अनुसार अयोध्या की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा धार्मिक पर्यटन पर आधारित है. श्रद्धालु जब शहर में अधिक समय बिताते हैं तो होटल, लड्डू और प्रसाद विक्रेता, रेस्टोरेंट, ऑटो चालक, होमस्टे संचालक और छोटे दुकानदार सभी को इसका लाभ मिलता है. लेकिन यदि श्रद्धालुओं का ठहराव कम होता है तो इसका सीधा असर पूरे स्थानीय व्यापार पर पड़ता है.
वहीं स्थानीय कारोबारी राकेश कुमार ने भी दावा किया कि चढ़ावा चोरी की घटना के बाद व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल रहा है.उन्होंने कहा कि होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशालाएं, होमस्टे और सड़क किनारे दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारी भी आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं. श्रद्धालु अभी भी अयोध्या पहुंच रहे हैं, लेकिन पहले की तरह शहर में समय नहीं बिता रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है.
लोगों को सकारात्मक उम्मीद
हालांकि यह ध्यान देने योग्य है कि इन कारोबारियों द्वारा व्यक्त किए गए विचार उनके व्यक्तिगत आकलन और अनुभव पर आधारित हैं. दूसरी ओर, राम मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही और दर्शन-पूजन का क्रम लगातार जारी है. ऐसे में स्थानीय व्यापारी उम्मीद जता रहे हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य होगी और श्रद्धालुओं का रात्रि प्रवास फिर से बढ़ेगा, जिससे अयोध्या का पर्यटन और व्यापार दोनों पहले की तरह गति पकड़ सकेंगे.
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