5 घंटे इलाज के लिए तड़पता रहा मरीज, झांसी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में हो गई मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाए ये आरोप

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5 घंटे इलाज के लिए तड़पता रहा मरीज, झांसी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में हो गई मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाए ये आरोप


Agency:News18 Uttar Pradesh

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Jhansi Medical College News Today: गुरुवार को सड़क दुर्घटना में जख्मी होने पर विनय को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में लाया गया था. जहां उसे 5 घंटे तक इलाज न मिलने से….

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परिवार ने किया हंगामा

झांसी: उत्तर प्रदेश का झांसी मेडिकल कॉलेज एक बार फिर विवादों में है. यहां की लचर व्यवस्था और डॉक्टरों की अनदेखी का शिकार एक युवक हो गया है. झांसी में सड़क दुर्घटना में जख्मी हुए एक शख्स की महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि इलाज नहीं होने के कारण उसकी मौत हुई है. मौत के बाद परिजनों ने मेडिकल पर जमकर हंगामा किया. बताया जा रहा है कि डॉक्टर लगातार जांचे करवाते रहे और एक डॉक्टर दूसरे डॉक्टर के पास भेजते रहे. गंभीर घायल होने के बावजूद किसी डॉक्टर ने उसे हाथ तक नहीं लगाया, इस वजह उसकी तड़फते हुए मौत हो गई. परिजनों की शिकायत पर आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी डॉ राजकुमार राणा को सस्पेंड कर दिया गया है.

5 घंटे तक नहीं मिला इलाज

दरअसल गुरुवार को सड़क दुर्घटना में जख्मी होने पर विनय को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में लाया गया था. जहां उसे 5 घंटे तक इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई. मृतक की बहन सोनम अहिरवार ने बताया कि देढ घंटे में उसने सभी जांचें करवा ली लेकिन डाक्टरों ने रिपोर्ट तक नहीं देखी. डॉक्टर एक दूसरे पर टालते रहे. जब उसके भाई की तड़पते तड़पते मौत हो गई तब उसे एडमिट किया गया. लड़की ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात डॉ. हर्षवर्धन और डॉ.

जांच कमेटी गठित

झांसी महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ मयंक सिंह ने बताया कि घटना की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है जो दो दिनों के भीतर रिपोर्ट देगी. ड्यूटी पर तैनात ईएमओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. कार्रवाई अवश्य होगी.

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बिना इलाज झांसी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में मौत, डॉक्टरों पर गंभीर आरोप



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