कम लागत, ज्यादा मुनाफा! टमाटर की खेती में इस नए फॉर्मूले से किसानों की बल्ले
Agency:News18 Uttar Pradesh
Last Updated:
कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के शोध में पाया गया कि आयरन, बोरान और जिंक का टमाटर की पत्तियों पर छिड़काव करने से पैदावार 15-25 प्रतिशत तक बढ़ सकती है.
टमाटर की फसल.
हाइलाइट्स
- आयरन, बोरान और जिंक से टमाटर की पैदावार 15-25% बढ़ सकती है.
- कम खर्च में 500-700 रुपये से अधिक पैदावार संभव.
- शोध के अनुसार फसल की सेहत और उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होगी.
कानपुर: कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल से किसानों के लिए अच्छी खबर आई है. अगर किसान टमाटर की फसल से अधिक पैदावार चाहते हैं, तो आयरन, बोरान और जिंक जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों का सही तरीके से उपयोग करके ऐसा किया जा सकता है. विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजीव द्वारा किए गए शोध में यह सामने आया कि इन पोषक तत्वों का पत्तियों पर छिड़काव करने से टमाटर की पैदावार 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ सकती है.
1 साल से चल रहा है शोध
डॉ. राजीव और उनकी टीम ने इस विषय पर एक साल तक शोध किया. उन्होंने पाया कि जब टमाटर की पत्तियों पर आयरन, बोरान और जिंक का छिड़काव किया गया, तो पौधों की सेहत में सुधार हुआ और टमाटर का उत्पादन बढ़ गया. शोध के दौरान यह भी देखा गया कि टमाटर के फलों का आकार बड़ा हो गया, एक पौधे से 12 से 18 किलोग्राम तक टमाटर मिलने लगे, पौधों में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया तेज हुई, जिससे उन्हें अधिक पोषण मिला, और उनकी लंबाई में भी बढ़ोतरी हुई. डॉ. राजीव ने बताया कि अब इस तकनीक को अन्य फसलों पर भी आजमाने की तैयारी की जा रही है, ताकि किसानों को अधिक मुनाफा मिल सके.
कम खर्च में बड़ा फायदा
डॉ. राजीव ने बताया कि किसान बेहद कम खर्च में इस तकनीक को अपना सकते हैं. अगर कोई किसान अपने एक एकड़ खेत में 500 से 700 रुपये तक खर्च करता है, तो वह 15 से 25 प्रतिशत तक अधिक पैदावार प्राप्त कर सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय बाजारों में ये तीनों सूक्ष्म पोषक तत्व आसानी से उपलब्ध हैं.
फसल की सेहत भी होगी बेहतर
शोध में यह भी सामने आया कि बार-बार फसल उगाने से मिट्टी की उर्वरता कम होती जाती है, जिससे पौधों को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते और फसल कमजोर हो जाती है. ऐसे में आयरन, बोरान और जिंक का सही इस्तेमाल फसलों की सेहत और पैदावार को बेहतर कर सकता है. डॉ. राजीव ने कहा कि यह जानकारी जल्द ही देशभर के किसानों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि वे इसका लाभ उठा सकें. उन्होंने बताया कि किसी भी स्वस्थ मिट्टी में कुल 16 प्रकार के सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं, लेकिन इन तीन तत्वों की भूमिका सबसे अहम होती है.
देशभर के किसानों के लिए बड़ा फायदा
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज किसानों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है. इससे न केवल उनकी पैदावार बढ़ेगी, बल्कि उत्पादन की गुणवत्ता भी बेहतर होगी. अब जल्द ही इस तकनीक को अन्य फसलों पर भी लागू किया जाएगा, जिससे किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकें.
Kanpur Nagar,Uttar Pradesh
February 24, 2025, 17:42 IST