यूपी के इस रहस्यमयी मंदिर में छुपा था किले का खजाना, क्या अब भी है वहां कुछ

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यूपी के इस रहस्यमयी मंदिर में छुपा था किले का खजाना, क्या अब भी है वहां कुछ


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सोनभद्र के अगोरी दुर्ग में राजा बालंद शाह ने मनियां देवी के मंदिर में किले का खजाना छुपाया था. युद्ध में पराजित होने पर राजा ने खजाना मंदिर से निकाल लिया. आज भी लोग देवी से वरदान मांगते हैं.

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मानियां देवी मंदिर सोनभद्र.

हाइलाइट्स

  • अगोरी दुर्ग में राजा ने मंदिर में खजाना छुपाया था.
  • युद्ध में पराजित होने पर राजा ने खजाना निकाल लिया.
  • आज भी लोग देवी से वरदान मांगते हैं.

सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में कई ऐतिहासिक, पौराणिक और रहस्यमयी कहानियां प्रचलित हैं, जिनमें एक प्रमुख नाम अगोरी दुर्ग का आता है. यह किला न केवल अपनी स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इससे जुड़ी कहानियां भी बेहद रोमांचक हैं. इस किले के इतिहास में कई ऐसे किस्से समाहित हैं, जिनके प्रत्यक्ष प्रमाण आज भी देखे जा सकते हैं. इनमें से एक कहानी इस किले के साथ जुड़ी हुई है, जिसमें राजा द्वारा पहाड़ी के ऊपर मनियां देवी के मंदिर का निर्माण कराया गया था. यहां के जानकारों का मानना है कि राजा ने यह मंदिर इसलिए बनवाया था ताकि किले का खजाना सुरक्षित रूप से यहां रखा जा सके. उनका उद्देश्य यह था कि अगर कभी किले को छोड़ने की स्थिति बने भी तो खजाना सुरक्षित रूप से मंदिर में रखा जा सके, ताकि उसे बचाया जा सके.

किले का खजाना और देवी के मंदिर से जुड़ी रोचक कहानी
बताया जाता है कि जब राजा बालंद शाह युद्ध में पराजित हुए और दुर्ग छोड़कर जाने लगे, तो उन्होंने मंदिर में छुपाए गए किले के कोष को अपने साथ ले लिया, जिससे उन्हें काफी धन प्राप्त हुआ.
यहां के लोग यह भी मानते हैं कि मंदिर के अज्ञात हिस्से में आज भी धन छुपा हुआ है, लेकिन इसकी जानकारी किसी को नहीं है. इसके अलावा, यह भी कहा जाता है कि जो कोई भी देवी की पूजा करता है, उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
स्थानीय निवासी रामनिवास मिश्रा ने बताया कि माता की पूजा के लिए आज भी दूर-दराज से लोग आते हैं. वे मानते हैं कि माता के आशीर्वाद से उनकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और आज भी लोग माता के चमत्कारों को मानते हैं.

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