क्या यही गंगा है? महाकुंभ में गंदगी देख बिना नहाए ही चले गए मॉरिशस के प्रधानमंत्री…जब सीएम योगी ने सुनाया किस्सा
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CM Yogi News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रयागराज में 2013 में आयोजित कुंभ का एक किस्सा सुनाया. उन्होंने बताया कि उस समय आयोजित कुंभ में कितनी अव्यवस्था फैली हुई थी.
कुंभ मेला की स्वच्छता को लेकर सीएम योगी ने एक किस्सा याद किया.
हाइलाइट्स
- 2013 में मॉरिशस के प्रधानमंत्री बिना नहाए लौटे.
- योगी आदित्यनाथ ने 2025 महाकुंभ की तैयारियों पर जोर दिया.
- संगम में जल की गुणवत्ता की लगातार जांच की गई.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 45 दिन तक एक अलग ही नजारा देखने को मिला. हर तरफ आस्था का सैलाब उमड़ता देखा गया. 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ मेले का 26 फरवरी को समापन हो गया. इस दौरान 66.36 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई. सवा महीने के मेले में दुनिया भर से लाखों-करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. महाकुंभ मेले को खत्म हुए 5 दिन हो चुके हैं. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रयागराज में 2013 में आयोजित कुंभ और 2025 में आयोजित हुए महाकुंभ के आयोजन में बदलाव और अंतर के बारे में विस्तार से बताया. साथ ही महाकुंभ के दौरान संगम में प्रदूषण की खबरों को खारिज कर दिया. उन्होंने बताया कि 12 साल पहले जब कुंभ का आयोजन हुआ था, तो मॉरिशस के प्रधानमंत्री ने स्नान करने से मना कर दिया था. मगर, ऐसा उन्होंने क्यों किया आइए ये जानते हैं…
जल की क्वालिटी की जांच की गई
गौरतलब है, महाकुंभ के विशाल आयोजन को देखते हुए पर्यावरण पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई थी. UNESCO सहित कई संगठनों ने गंगा और यमुना के पानी की शुद्धता को लेकर सवाल उठाए थे. ऐसे में, योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को महाकुंभ के दौरान संगम में प्रदूषण की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि लगातार जल की क्वालिटी की जांच की गई और यह साबित हुआ कि कुंभ के दौरान गंगा और यमुना का पानी पूरी तरह साफ था.
लखनऊ में IIM और भारतीय डाक सेवा (IPS) के अधिकारियों को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘कुछ लोग बेबुनियाद दावे कर रहे हैं, लेकिन राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्वतंत्र लैब की रिपोर्ट में पानी की गुणवत्ता पूरी तरह सुरक्षित पाई गई.’
2013 का सुनाया किस्सा
मुख्यमंत्री ने आगे बताया, 2013 के कुंभ में संगम में नहाने आए मॉरिशस के प्रधानमंत्री को संगम की गंदगी वापस जाना पड़ा था. उन्होंने गंगा को देखते ही कहा था कि यह गंगा है? उसके बाद उन्होंने दूर से प्रणाम किया और बिना स्नान किए चले गए. उस समय मेरे मन में आया कि एक देश के प्रमुख हमारे यहां आए और उनकी भावनाएं आहत हुईं. इसका मतलब साफ था कि उस समय हमारे आयोजन में कोई कमी हुई थी. उस कमी को दूर किया जाए इस पर ध्यान देने का फैसला लिया.
IIM एवं भारतीय डाक सेवा के अधिकारियों के साथ महाकुम्भ के सफल आयोजन द्वारा ‘राष्ट्र निर्माण’ विषय पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में… https://t.co/62uoaeRwrC
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 3, 2025