पिजरें में बंद किया तोता तो होगी 7 साल की जेल, काटने पड़ेंगे हवालात के चक्कर

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पिजरें में बंद किया तोता तो होगी 7 साल की जेल, काटने पड़ेंगे हवालात के चक्कर


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Mirzapur News: यूपी में पक्षियों को पानले वाले लोग सावधान हो जाएं. तोता, मैना, गौरैया, लाल मुनिया या फिर अन्य पक्षियों को पालने पर आपको 7 साल जेल की सजा हो सकती है. बता दें कि वन्य जीव अधिनियम 1972 में शेड्यूल …और पढ़ें

तश्वीर

हाइलाइट्स

  • यूपी में पक्षियों को पालने पर 7 साल की सजा हो सकती है.
  • तोता, मैना, गौरैया आदि पक्षियों को पालना गैर कानूनी है.
  • लाइसेंस के लिए https://parivesh.nic.in पर आवेदन करें.

मिर्जापुर: अगर आप घरों में तोता, मैना, गौरैया, लाल मुनिया या फिर अन्य पक्षियों को पालने के शौकिन हैं तो यह खबर आपके लिए है. ऐसा करने पर आपको 7 साल जेल की सजा हो सकती है. सरकार पक्षियों के संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठा रही है. प्रदेश सरकार वन्य जीव अधिनियम को कड़ाई से पालन कराने जा रही है. नियमों के तहत प्रतिबंधित पक्षियों को घर में पालना गैर कानूनी है. ऐसा करने पर आपको हवालात के चक्कर काटने पड़ सकते हैं. वहीं, सात सालों की सजा और जुर्माना दोनों हो सकता है. अगर आपने पक्षियों को पाल रखा है, तो इसके लिए लाइसेंस लेना पड़ेगा.

वन्य जीव अधिनियम 1972 में शेड्यूल एक से पांच श्रेणियां है. इनमें अलग-अलग श्रेणी में अलग-अलग सजा का प्रावधान है. भारत में मिलने वाले तोते की हर प्रजाति पर प्रतिबंध है. नियमों के अनुसार जो भी पक्षी नेचुरल एनवारमेंट में रह रहा है. उसे कैद करना क्रूरता है. ऐसे व्यक्ति के खिलाफ वन विभाग कानूनी कार्रवाई करेगा. क्रूरता सिद्ध होने पर 7 साल की सजा भी होगी. ऐसे में जो भी लोग पक्षियों को पाले हुए हैं. वह सावधान हो जाएं. पकड़े जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

लाइसेंस के लिए कर सकते हैं आवेदन

वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि जो भी घरों में पक्षियों को पाले हुए हैं. वह सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://parivesh.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के वक्त पक्षियों की संख्या को बताना पड़ेगा. वहीं, 1000 रुपए फीस जमा करना होगा. वेबसाइट पर ब्यौरा दर्ज होने के बाद वन विभाग की टीम पड़ताल करेगी. पड़ताल करने के बाद विभाग रिपोर्ट प्रेषित करेगी. रिपोर्ट के आधार पर लाइसेंस जारी किया जाएगा. सरकार की ओर से 6 माह का समय दिया गया है.

पक्षियों को कैद करने पर होगी कठोर कार्रवाई

डीएफओ अरविंद राज मिश्रा ने बताया कि किसी भी वन्य जीव को कैद करना क्रूरता की श्रेणी में आता है. ऐसे में जो भी लोग तोता या मैना आदि पक्षियों को पिजड़े में कैद करके रखे हुए हैं. उनकी सूचना वन विभाग को दें. वन विभाग की टीम कार्रवाई करेगी. किसी भी पक्षी को पिंजड़े में या किसी भी जगह कैद करके नहीं रखा जा सकता है. वन्य जीव अधिनियम के तहत यह अपराध है. ऐसा करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी.

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