शताक्षी निगम बनीं अमेजन में सॉफ्टवेयर डेवलपर, 45 लाख का पैकेज किया…
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शताक्षी निगम ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर से बीटेक कंप्यूटर साइंस में 45 लाख रुपये के पैकेज पर अमेजन में नौकरी पाई है.
Madan Mohan Malaviya University
हाइलाइट्स
- शताक्षी को अमेजन में 45 लाख का पैकेज मिला.
- शताक्षी ने आर्थिक चुनौतियों को पार कर मुकाम हासिल किया.
- MMMUT के इतिहास में सबसे बड़ा प्लेसमेंट पैकेज.
गोरखपुर: गोरखपुर की शताक्षी निगम ने बड़ा काम किया है. शताक्षी कंप्यूटर साइंस में बीटेक के आखिरी साल में हैं. उन्हें अमेजन कंपनी ने सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी दी है. उन्हें हर साल 45 लाख रुपये मिलेंगे. शताक्षी की इस कामयाबी से उनके परिवार के साथ-साथ उनके कॉलेज और गोरखपुर को भी गर्व है.
आर्थिक चुनौतियों को पार कर हासिल किया मुकाम
शताक्षी कानपुर के जवाहर नगर (शीशामऊ, पी रोड) की रहने वाली हैं. उनका परिवार साधारण है. उनके पिताजी, अश्विनी निगम, एक प्राइवेट कंपनी में सेल्समैन हैं और 12 हजार रुपये महीना कमाते हैं. उनकी माँ, नीलम निगम, घर संभालती हैं. परिवार किराए के एक कमरे में रहता था, जहां पढ़ाई के लिए ज्यादा कुछ नहीं था. शताक्षी को पढ़ाई का बहुत शौक था, लेकिन पैसे की तंगी आड़े आ रही थी. पर शताक्षी ने हार नहीं मानी. उन्होंने पढ़ाई के लिए कर्ज लिया और अब अपनी मेहनत से वो कर्ज चुका भी दिया है.
मेहनत और लगन ने दिलाई पहचान
शताक्षी बचपन से ही होशियार रही हैं. उन्होंने यूपी बोर्ड में जिले में 15वां स्थान पाया था. कॉलेज में भी वो हमेशा से ही होशियार बच्चों में गिनी जाती थीं. अमेज़न में नौकरी के लिए उन्होंने दो मुश्किल ऑनलाइन टेस्ट और इंटरव्यू पास किए, जहां उनके हुनर और मेहनत को सबने सराहा. शुरुआत में उन्हें 1.10 लाख रुपये महीना की इंटर्नशिप मिली, जिसमें उन्होंने बहुत अच्छा काम किया. छह महीने की इंटर्नशिप के बाद, अमेज़न ने उन्हें 45 लाख रुपये के पैकेज पर पक्की नौकरी दे दी.
विश्वविद्यालय के इतिहास में सबसे बड़ा पैकेज
शताक्षी को जो सैलरी मिली है, वो एमएमएमयूटी कॉलेज में अब तक की सबसे ज्यादा है. इससे पहले 15 लाख का पैकेज मिला था जो कि हमिंग वेब कंपनी ने दिया था. शताक्षी ने तो पुराना रिकॉर्ड ही तोड़ दिया है.
परिवार और शिक्षकों का योगदान
शताक्षी की कामयाबी में उनके परिवार और टीचर्स का बहुत बड़ा हाथ है. उनके मामा नवीन श्रीवास्तव और मामी नलिनी श्रीवास्तव ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया. उनके मामा-मामी बैंक में काम करते हैं. यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जेपी सैनी, प्लेसमेंट सेल के चेयरमैन प्रो. वीके त्रिपाठी और विभागाध्यक्ष प्रो. उदय शंकर ने भी शताक्षी को बधाई दी और उनकी मेहनत की तारीफ की.
सफलता की नई उड़ान
शताक्षी निगम ने दिखा दिया है कि अगर हम ठान लें तो कोई भी मुश्किल हमें सफल होने से नहीं रोक सकती. उनकी कहानी उन हजारों बच्चों के लिए मिसाल है जो कम संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश में लगे हैं. शताक्षी का मानना है कि सही राह दिखाने वाले, मेहनत और खुद पर भरोसा हो तो कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है. उनकी इस जीत पर उनके परिवार और विश्वविद्यालय को बहुत गर्व है. सब उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं.
Gorakhpur,Uttar Pradesh
March 15, 2025, 19:43 IST