बलिया का 125 साल पुराना कलेक्ट्रेट भवन आज भी बरकरार, जाने अद्भुत भवन का इतिहास
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बलिया का 125 साल पुराना कलेक्ट्रेट भवन अद्भुत तकनीकी से बना है, जिसमें गर्मी में ठंडक और ठंड में गर्मी मिलती है. इसका निर्माण 1900 में हुआ था और यह ब्रिटिश शैली में भारतीय वास्तु का मिश्रण है.
Ballia District Collectorate Building
हाइलाइट्स
- बलिया का कलेक्ट्रेट भवन 125 साल पुराना है.
- 1900 में बना यह भवन गर्मी में ठंडा और ठंड में गर्म रहता है.
- भवन की दीवारें मोटी और हवा निकालने के लिए जंगले हैं.
बलिया: बहुत साल पहले बना बलिया का जिला कलेक्ट्रेट आज भी बहुत अच्छा है. यह इमारत बहुत खास है क्योंकि इसमें गर्मी में ठंडक और ठंडी में गर्मी लगती है. इसकी बनावट देखने लायक है. इसे बनाने के लिए खास तरीका इस्तेमाल किया गया था. उस समय ईंट के भट्टे की राख, सिरफल, मिट्टी और गन्ने के सिरे से मकान बनाए जाते थे. इसी इमारत में अंग्रेज अफसर भी बैठते थे. बलिया के वरिष्ठ अधिकारी अश्वनी कुमार तिवारी बताते हैं कि वो 1985 से यहां काम कर रहे हैं. यह इमारत बहुत आरामदायक है. इसमें ठंडी और गर्मी, दोनों मौसम में सुकून मिलता है. बिजली चले जाने पर भी यहाँ काम हो सकता है. उन्होंने बताया कि इसकी दीवारों में बहुत से देसी सामानों का इस्तेमाल हुआ है.
125 साल पुराना भवन
मशहूर इतिहासकार डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने बताया कि ये जो कलेक्ट्रेट है, यानी जिला अधिकारी का दफ्तर, ये बलिया में है. ये इमारत 125 साल पुरानी हो चुकी है, इसका निर्माण 1900 में हुआ था. बलिया 1979 में जिला बना था. उससे पहले यहां के पहले कलेक्टर चार्ल्स विलियम बिल्स थे. उनके बाद डीटी रॉबर्ट्स कलेक्टर बने, जिन्होंने बलिया के लिए बहुत काम किया.
इन दो डीएम ने बलिया को दिया अलग पहचान
बलिया के दूसरे कलेक्टर डीएम डीटी रॉबर्ट्स ने बलिया में बहुत से काम करवाए. बलिया के नक्शे और इतिहास को बनाने में डीटी रॉबर्ट्स का बड़ा हाथ था. सन 1885 में एल्जेक्टर रॉबिंस बलिया के डीएम बने. डीटी रॉबर्ट्स और एल्जेक्टर रॉबिंस ने मिलकर बलिया को नया रूप दिया. कलेक्ट्रेट की इमारत अंग्रेजी शैली में बनी है लेकिन इसे बनाने में भारतीय वास्तु का ध्यान रखा गया है. इसमें लाल ईंट, चुना, सफ़ेद पत्थर और दूसरी देसी चीजें इस्तेमाल हुई हैं.
एयर कंडीशनर का मजा देता है बलिया का कलेक्ट्रेट भवन
बलिया कलेक्ट्रेट की इमारत की दीवारें बहुत मोटी हैं. छत पर बने खास जंगले हवा के लिए हैं. डीएम ऑफिस में हर जगह एसी लगा है. ये इमारत थोड़ी अलग तरह से बनी है. इसमें सर्दी में गर्मी और गर्मी में सर्दी जैसा महसूस होता है. बिजली चली जाए तो भी रोशनी बनी रहती है. इस इमारत को बनने में लगभग 15 साल लगे थे.
Ballia,Uttar Pradesh
March 18, 2025, 11:58 IST