गीता प्रेस की नई पहल, चित्रों में संजोया जाएगा श्रीमद्भागवत महापुराण, पाठकों का एक्सपीरियंस होगा बेहतर
Last Updated:
Geeta Press: चित्रमय प्रस्तुति, आर्ट पेपर पर रंगीन चित्रों के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण को प्रकाशित किया जाएगा, जिससे इसकी रोचकता और बढ़ेगी.
भारत बल्कि विदेशों में भी धार्मिक ग्रंथों के प्रकाशन के लिए जाना जाता है.
गोरखपुर: गोरखपुर गीता प्रेस ने धार्मिक साहित्य को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब श्रीमद्भागवत महापुराण का चित्रमय संस्करण प्रकाशित करने का निर्णय लिया है. यह ग्रंथ ‘आर्ट पेपर’ पर छापा जाएगा, जिससे इसकी पठन गुणवत्ता और आकर्षण दोनों बढ़ेगा.
पहले भी हो चुके हैं कई धार्मिक ग्रंथ चित्रमय
गीता प्रेस ने इससे पहले ‘श्रीमद्भगवद्गीता, गीता प्रबोधिनी, श्रीरामचरितमानस, श्रीदुर्गासप्तशती, संक्षिप्त शिवपुराण और सुंदरकांड जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथों को चित्रमय रूप में प्रकाशित किया है. अब ‘पाठकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए श्रीमद्भागवत महापुराण को भी इसी फॉर्मेट में प्रस्तुत किया जाएगा. पुस्तक की कलर सेटिंग का लगभग 50% काम पूरा हो चुका है और पहला खंड अगले दो महीनों में पाठकों के लिए उपलब्ध होगा. इसके बाद दूसरे खंड का प्रकाशन शुरू किया जाएगा.
15 भाषाओं में होगा प्रकाशन
गीता प्रेस 15 भाषाओं में धार्मिक पुस्तकों का प्रकाशन करता है. हिंदी भाषा में पहले चरण में लगभग 3,000 पुस्तकों का प्रकाशन किया जाएगा. इससे पहले गीता प्रेस की प्रकाशित गीता और मानस की मांग इतनी अधिक थी कि पांच वर्षों में इसके कई संस्करण छापने पड़े.
क्यों खास होगा यह संस्करण
चित्रमय प्रस्तुति, आर्ट पेपर पर रंगीन चित्रों के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण को प्रकाशित किया जाएगा, जिससे इसकी रोचकता और बढ़ेगी. बेहतर प्रिंट क्वालिटी, उच्च गुणवत्ता वाले कागज का उपयोग किया जाएगा, जिससे पाठकों को पढ़ने का नया अनुभव मिलेगा. धार्मिक पुस्तकों की बढ़ती मांग के बीच बीते वर्षों में गीता प्रेस की चित्रमय पुस्तकों की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसे देखते हुए यह नया प्रकाशन हो रहा है.
गीता प्रेस का बढ़ता प्रभाव
गीता प्रेस न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी धार्मिक ग्रंथों के प्रकाशन के लिए जाना जाता है. सस्ती दर पर उच्च गुणवत्ता की धार्मिक पुस्तकों को उपलब्ध कराने में इसका कोई सानी नहीं. श्रीमद्भागवत महापुराण के इस चित्रमय संस्करण के साथ गीता प्रेस एक बार फिर अध्यात्म और संस्कृति के प्रति समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है.