सहारनपुर के इस किसान ने पत्थर से बनाई ऐसी चीज, चाव से खा रहे देशभर के लोग
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Saharanpur News : गर्मियों में इसकी डिमांड बढ़ जाती है. ये पेट के लिए काफी फायदेमंद है, जो हमें गर्मी से बचाता है. पेट को ठंडक देता है, पेचिश को रोकता है और आंतों की खुश्की ठीक करता है.
पत्थर बेल के मुरब्बे को घर पर भी कर सकते हैं तैयार यह है विधि
हाइलाइट्स
- सुधीर सैनी ने पत्थर बेल से मुरब्बा बनाया.
- मुरब्बा पेट के लिए फायदेमंद और गर्मी से बचाता है.
- मुरब्बा 150-200 रुपए किलो बिक रहा है.
सहारनपुर. यूपी के युवा किसान कई तरह के प्रोडक्ट्स बनाकर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. उनके प्रोडक्ट्स देशभर में बिक रहे हैं. सहारनपुर भी इसमें पीछे नहीं है. सहारनपुर के बेहट विधानसभा के गांव खुशहालीपुर के रहने वाले सुधीर कुमार सैनी ने गर्मी के लिए एक खास मुरब्बा तैयार किया है. इस मुरब्बा को पत्थर बेल से बनाया गया है. सुधीर पिछले करीब 5 साल से इस मुरब्बा को बनाते आ रहे हैं. गर्मियों में इसकी डिमांड बढ़ जाती है. पत्थर बेल पेट के लिए काफी फायदेमंद होता है. ये हमें गर्मी से भी बचाता है.
इतने रुपए किलो बिक रहा
सुधीर हर साल लगभग 20 क्विंटल पत्थर बेल का मुरब्बा तैयार करते हैं, जो पूरे साल बिकता है. सुधीर बताते हैं कि इसे घर पर भी आसानी से तैयार किया जा सकता है. ये मार्केट में 150 रुपए से 200 रुपए किलो खूब बिक रहा है. एक बार स्टोर करने के बाद ये हर महीने करीब 1000 किलो तक बिक जाता है. स्वाद की बात करें तो लोग इसे खाने के बाद तारीफ करें बिना नहीं रहते. सुधीर कुमार साल 2011 से फूड प्रोसेसिंग कर रहे हैं. वे इससे जुड़े सैकड़ों प्रोडक्ट तैयार करते हैं और लोगों को नि:शुल्क फूड प्रोसेसिंग की ट्रेनिंग भी देते हैं.
इस बीमारी में रामबाण
लोकल 18 से बात करते हुए सुधीर बताते हैं कि बेल का मुरब्बा पेट के लिए काफी फायदेमंद है. बेल हमारी आंतों को चिकनाई प्रदान करता है. गर्मी में पेचिश होना आम है. दवा खाते हैं फिर भी जल्दी आराम नहीं मिलता. पेचिश में बेल का मुरब्बा खाने से तुरंत आराम मिल जाता है. बेल का मुरब्बा हमारे पेट को ठंडक देता है, पेचिश को रोकता है और आंतों की खुश्की ठीक करता है.
इस विधि से करें तैयार
सुधीर बताते हैं कि उनका पत्थर बेल मुरब्बा उत्तराखंड, हिमाचल, हरियाणा और यूपी के कई शहरों में खूब बिकता है. इस मुरब्बे को तैयार करने के लिए सबसे पहले पत्थर बेल के छिलके को अलग करते हैं. फिर बिल को स्लाइस के रूप में काटा जाता है. कटिंग करने के बाद इसे हल्का उबाला जाता है. फिर इसे सीधा चीनी में ड्रिप किया जाता है. इसे एक साल के लिए प्रिजर्व कर लिया जाता है.