अब गर्मी को बोलो टाटा… कन्नौज के ये 6 इत्र गर्मियों रखेंगे आपको ठंडा…छठा वाला तो सबसे असरदार है
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Tips And Tricks: अगर आप तपती गर्मी से परेशान हैं, तो आज हम आपको कन्नौज के ऐसे इत्र के बारे में बताने जा रहे हैं, जो गर्मी में आपको ठंडक का तो अहसास कराएंगे ही साथ ही इसकी खुशबू में आप खो जाएंगे.
इत्र
हाइलाइट्स
- कन्नौज के इत्र गर्मियों में ठंडक देते हैं
- खस, चंदन, मिट्टी, केवड़ा, बेला, गुलाब प्रमुख ठंडे इत्र हैं
- इत्र की कीमत 400 से 1200 रुपये प्रति 10 ग्राम है
कन्नौज: गर्मी का मौसम आ चुका है और लोग तपती गर्मी से परेशान हैं. ऐसे में लोग इससे बचने के लिए कुछ न कुछ उपाय सोचते रहते हैं. ऐसे में आज हम आपको ऐसी चीज के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको ठंडक का अहसास तो कराएगी ही साथ में उसकी खुशबू में आप खो जाएंगे. दरअसल हम बात कर रहे हैं कन्नौज के इत्र की . गर्मियों के मौसम में कन्नौज के कुछ ऐसे इत्र हैं जो लगाने पर दिनभर फ्रेशनेस के साथ-साथ ठंडक का भी अहसास कराते हैं. इन इत्रों की नेचुरल खुशबू पसीने की दुर्गंध को तो दूर करती है साथ ही पसीने के साथ मिक्स होकर शरीर को ठंडा बनाए रखती है, और एक अच्छी सुगंध से दिमाग को फ्रेश रखती है, तो चलिए जानते हैं इन इत्रों के बारे में और उनका रेट
कौन-कौन से हैं ठंडे इत्र
आपको बता दें, इत्र नगरी में गर्मियों के सीजन में बड़े पैमाने पर ठंडे इत्रों का काम बढ़ जाता है. ठंडे इत्रों की बात की जाए तो सबसे पहले नाम आता है खस के इत्र का, उसके बाद चंदन, मिट्टी, केवड़ा, बेला, गुलाब जैसे ठंडे इत्रों का नाम आता है. यह सभी इत्र पूरी तरफ से नेचुरल होते हैं, जो गर्मियों में पसीने की दुर्गंध को दूर करते हैं और ठंडक का अहसास कराते हैं.
क्या है इनका रेट
इत्रों के रेट की बात की जाए तो 1200 रुपये में 10 ग्राम से चंदन के इत्र की कीमत पहुंच जाती है, वहीं केवड़ा, खस, बेला, गुलाब और मिट्टी के इत्रों की शुरुआत 400 रुपये में 10 ग्राम से होती है.
इत्र व्यापारी ने दी जानकारी
इत्र व्यापारी निशीष तिवारी बताते हैं, कि गर्मियों के मौसम में कन्नौज के कुछ प्रमुख इत्र हैं जिनकी डिमांड बहुत बढ़ जाती है. यह इत्र खुशबू के साथ-साथ ठंडक का भी अहसास कराते हैं, और दिमाग को शांत भी करते हैं. इसमें सबसे ज्यादा ठंडे इत्र की बात करें तो खस का इत्र है, उसके बाद चंदन, बेला, गुलाब, मिट्टी और केवड़ा का इत्र आता है. आगे वे बताते हैं खस और केवड़े के इत्र का प्रयोग कई खाद्य पदार्थों में भी किया जाता है.