पाकिस्तान से एक और युद्ध…अब कड़ा मैसेज देने का टाइम, कानपुर के शुभम द्विवेदी के घर से आई आवाज, कहा- चुन-चुनकर मारा…
कानपुर: आतंकवादियों ने एक बार फिर पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के हिल स्टेशन पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई है. इस जघन्य हमले में कानपुर के शुभम द्विवेदी की भी मौत हुई है. उनके चाचा और चाची रो रोकर बस एक ही बात कह रहे हैं कि साहब हमारा लाड़ला तो चला गया. मगर आतंकियों को चुन-चुन कर मारा जाना चाहिए. पाकिस्तान को सीधे कड़ा मैसेज भेजना चाहिए.
चाचा-चाची का रो-रोकर बुरा हाल
शुभम द्विवेदी के परिवार वालों का बुरा हाल है. चाचा ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज द्विवेदी ने बताया, ‘मेरा भतीजा शुभम और बहू वहीं पहलगाम में ही घुड़सवारी करने गए हुए थे. बहू के सामने ही आतंकियों ने शुभम को गोली मार दी. बहू ने आतंकियों से कहा- मुझे भी गोली मार दो, तो आतंकियों ने कहा कि तुम्हें नहीं मारेंगे, तुम जाकर सरकार को बताओ इसलिए तुमको छोड़ रहे हैं.’
इतना कहते ही चाचा फफक फफक कर रोने लगे. उन्होंने कहा कि हम लगातार परिवार के संपर्क में हैं. बहू से बात हुई तो उसने पूरी दर्दनाक दास्तां बताई.
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12 फरवरी को हुई थी शादी
बता दें, 12 फरवरी 2025 को कानपुर के शुभम द्विवेदी और ऐशन्या की शादी हुई थी. शादी के तुरंत बाद शुभम पत्नी को लेकर हनीमून पर नहीं गए, क्योंकि वे परिवार के साथ जाना चाहते थे. फिर सभी ने मिलकर तय किया कि कश्मीर जाएंगे और दोनों परिवार साथ ही जाएगा. लेकिन किसी को अंदाजा भी नहीं था कि जिस ट्रिप को लेकर वो सभी एक्साइटेड है वो आखिरकार मातम में बदल जाएगी. 17 अप्रैल को परिवार के 11 सदस्य कश्मीर घूमने पहुंचे थे. 23 अप्रैल को उन्हें वापस आना था, लेकिन इससे पहले ही पहलगाम में हुए आतंकी हमले में आतंकियों ने शुभम द्विवेदी की गोली मरकर हत्या कर दी.
परिवार के साथ गए थे घूमने
शुभम के चाचा मनोज द्विवेदी जब मीडिया से बात कर रहे थे तो वो लगातार अपने लाडले भतीजे को याद कर रो रहे थे. उन्होंने बताया कि परिवार के 11 लोगों के साथ शुभम घूमने गया था. परिवार के सभी लोग अनंतनाग के होटल में ही रुक गए थे. जबकि शुभम और पत्नी ऐशन्या पहलगाम घूमने चले गए. यहां आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए हमला किया. आतंकियों ने पहले शुभम का नाम पूछा, फिर कहा कलमा पढ़ो तो छोड़ देंगे. पत्नी ऐशन्या दहशत के मारे कुछ बोल न सकी बस हाथ जोड़े रहम की भीख मांगती रही. इसी बीच आतंकियों ने शुभम के सिर में गोली मार दी. ऐशन्या ने आतंकियों से कहा कि मुझे भी मार दो. इस पर उन्होंने कहा कि तुझे सरकार को बताना है इसलिए नहीं मारेंगे. वहीं ऐशन्या बेहोश होकर गिर गई. उसकी आंखों के सामने उसका सुहाग उजाड़ गया. 70 दिन पहले सुहागन बनी ऐशन्या का सब कुछ लूट चुका था.
मौत से पहले का वीडियो
शुभम के मौत के चंद घंटे पहले होटल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वो अपने पूरे परिवार के साथ ताश के पत्ते खेल रहा है और मस्ती कर रहा है. शुभम के चाचा बोले कि उस बेचारे को क्या पता था कि उसका यह परिवार के साथ आखिरी पल होगा. उन्होंने कहा कि हमे तो हमले की जानकारी न्यूज चैनल से मिली. हमने खबर देखते ही शुभम के पिता को फोन किया तब उन्होंने बताया कि वो तो होटल में हैं, लेकिन शुभम और बहू बाहर गए हैं.
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पाकिस्तान और आतंकवादियों को कड़ा मैसेज…
चाचा ने कहा कि हम सभी लोग परेशान हो गए. रात के करीब सवा तीन बजे पता चला कि शुभम को गोली मार दी है. 2 महीने पहले ही शुभम और ऐशन्या की शादी हुई थी. अब उसकी पत्नी विधवा हो गई है. इसी तरीके से हमारे सेना के जवानों की कितनी पत्नियां विधवा होती हैं. उन्होंने कहा कि हम मोदी जी से अपील करते हैं कि पाकिस्तान और आतंकवादियों को कड़ा मैसेज दिया जाए ताकि विश्व में शांति स्थापित हो सके. इन आतंकवादियों को खत्म करने के लिए एक बार युद्ध होई जाना चाहिए.
शुभम की चाची और अन्य रिश्तेदारों ने कहा कि पाकिस्तान को सीधे मैसेज जाना चाहिए. चुन चुन कर मारना चाहिए. हमारे ऊपर तो आपदा आई गई है. आज शुभम पूरे परिवार के साथ घर वापसी करने वाला था. मगर, आज उसका शव वापस आ रहा है.