कन्नौज का 100 साल पुराना पेठा: इत्र से बनता है, स्वाद और सेहत दोनों में दमदार

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कन्नौज का 100 साल पुराना पेठा: इत्र से बनता है, स्वाद और सेहत दोनों में दमदार


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इत्र नगरी कन्नौज न सिर्फ अपनी खुशबू के लिए मशहूर है, बल्कि यहां की मिठाइयों की मिठास भी लोगों को लुभाती है. कन्नौज के बड़ा बाजार में स्थित 100 साल पुरानी एक दुकान पर गर्मियों में खासतौर पर पेठा तैयार किया जाता है, जो स्वाद, सुगंध और सेहत का अनोखा मेल है. गुलाब जल, केवड़ा और इत्र की खुशबू से बना यह पेठा दूर-दूर से आने वाले लोगों की पहली पसंद बन गया है.









इत्र नगरी कन्नौज में सुगंध के साथ-साथ मिठास का भी एक बड़ा और काफी प्रसिद्ध कारोबार है, ऐसी ही कन्नौज के बड़ा बाजार में बनी 100 साल पुरानी दुकान में गर्मियों के समय में कई तरह की मिठाई बनती है, जिसमें वर्तमान समय में पेठे बनाया जा रहा है. यहां का पेठा लोगों को बहुत पसंद आता है.

यहां पर पेठा तीन प्रकार के बनाए जाते हैं. सबकी अपनी अलग-अलग खासियत रहती है. गर्मियों में यह पेठा पेट के लिए बहुत लाभदायक साबित होता है. पानी के साथ इस पेठे को खाने का प्रचलन काफी समय से चला आ रहा है.

जहां एक तरफ मिठाई कुछ ही दिनों में खराब हो जाती है, वहीं कन्नौज का यह खास पेठा एक से दो महीने बहुत आराम से स्टोर किया जा सकता है और इसको खाने से किसी तरह की कोई समस्या भी नहीं होती है.

इस पेठे में कन्नौज के इत्र की खुशबू भी मिलती है, जो स्वाद को सुगंधित कर देती है.

यहां बनने वाला पेठा बिल्कुल शुद्ध तरीके से बनाया जाता है. तीन तरीके का पेठा यहां पर लोगों को बहुत पसंद आते हैं. एक सादा पेठा, एक गीला पेठा और एक अंगूरी पेठा के नाम से प्रसिद्ध है.

दूर-दूर से लोग यहां पर इत्र की खरीदारी करने आते हैं, तो वह इस जगह पर पेठे की खरीदारी जरूर करते हैं. यहां के पेठे में कन्नौज के इत्र की खुशबू मिलती है.

पेठे में मिठास मिलाते वक्त केवड़ा और गुलाब जल का प्रयोग होता है, जिससे यहां का पेठा और भी स्वादिष्ट रहता है. गुलाब जल और केवड़ा दोनों ही ठंडे रहते हैं जिससे यह पेठा पेट में जाने के बाद तरावट देता है और गर्मियों में पेट की कई समस्याओं के लिए औषधि है.

व्यापारी सक्षम वैश्य बताते हैं कि गर्मियों के सीजन में हमारे यहां कई तरह की मिठास बनाई जाती हैं. इसमें पेठे की डिमांड बहुत ज्यादा रहती है. पेठा हमारे यहां जो बनता है, उसमें गुलाब जल और केवड़े जल का प्रयोग होता है, जिससे वह स्वादिष्ट और सुगंधित रहता है. लोग दूर-दूर से इसको खरीदने आते हैं. ₹60 किलो से शुरू होकर ₹160 किलो तक पेठे का रेट हमारे यहां रहता है.

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