प्रयागराज पुलिस के इस एक्शन के खिलाफ राज्य मावधिकार आयोग में शिकायत

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प्रयागराज पुलिस के इस एक्शन के खिलाफ राज्य मावधिकार आयोग में शिकायत


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Prayagraj News: प्रयागराज में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को करछना जाने से रोकने के बाद भीमा आर्मी कार्यकर्ताओं के उतपर पर अब पुलिस का एक्शन शुरू हो गया है. पुलिस ने 51 कार्यकर्ताओं को जेल भेजा है. इन कार्यकर्ता…और पढ़ें

Prayagraj News; भीम आर्मी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का मामला पहुंचा राज्य मानवाधिकार आयोग

हाइलाइट्स

  • प्रयागराज पुलिस ने उपद्रव करने वाले 51 भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को किया अरेस्ट
  • पुलिस ने हिरासत में भीम आर्मी के कार्यकर्ता कान पकड़े हुए आए नजर
  • पुलिस के इस एक्शन के खिलाफ राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत

प्रयागराज. यमुनानगर के करछना के बाद भड़ेवरा बाजार में 29 जून को भीम आर्मी कार्यकर्ताओं द्वारा हुए बवाल, तोड़फोड़ और आगजनी के बाद कथित आरोपियों की गिरफ्तारी का मामला राज्य मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है. उपद्रव के आरोपियों के मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉक्टर गजेंद्र सिंह यादव ने मामला दर्ज कराया है.

बता दें कि 29-30 जून 2025 को नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को करछना जाने से रोकने पर बवाल हुआ था.  जिसके बाद पुलिस ने 50 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है.  गिरफ्तारियों के दौरान पुलिस प्रशासन पर मानवाधिकार हनन का आरोप लगा है. पुलिस ने अब तक 51 लोगों की गिरफ्तारी की है और उनकी बाइकें जब्त कर ली हैं. पुलिस ने ककरम, तेली का पूरा, इसौटा, भुंडा, मछहर का पूरा, घोरघट, अरई, भीरपुर, करछना, करबालपुर, बरसवल, लखरावा, लहबरा, अकोढ़ा, कौंधियारा, भमोखर समेत दर्जनों गांव से चिन्हित 51 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है. सोमवार 30 जून को दोपहर बाद उन्हें जेल भेज दिया गया.

आरोपी के मौलिक अधिकारों के हनन का आरोप

गिरफ्तारी के बाद जेल भेजने से पहले का आरोपियों का चित्र और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इन फोटो और वीडियो में सभी कार्यकर्ता कान पकड़े दिखाई दिए. परिजनों का आरोप है कि पकड़े गए लोगों को शारीरिक प्रताड़ना दी गई है. कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई है जो घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे. सरेआम कान पकड़कर बैठाना और अपमानित करते हुए प्रताड़ित करना उचित नहीं है. यह संविधान में आरोपी को प्राप्त मौलिक अधिकारों का हनन है. यह मानवीय गरिमा के भी विरुद्ध है. अधिवक्ता ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. इस अमानवीय व्यवहार के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर उचित कानूनी कार्यवाही की जाए.

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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

Principal Correspondent, Lucknow

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