यूपी: मायावती का ऑपरेशन क्लीन आउट, एक झटके में चार बड़े नेता बसपा से निकाले गए
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UP Politics Update: बसपा ने सहारनपुर में पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए 4 नेताओं को निकाल दिया. मायावती एक तरह से पार्टी में ‘ऑपरेशन क्लीन आउट’ चला रही हैं.
बीएसपी चीफ मायावती (फाइल फोटो)
हाइलाइट्स
- बसपा ने सहारनपुर में चार नेताओं को पार्टी से निकाला.
- मायावती ने पार्टी में ‘ऑपरेशन क्लीन आउट’ शुरू किया.
- मायावती 2027 की तैयारी में संगठन को मजबूत कर रही हैं.
सहारनपुर: बसपा चीफ मायावती ने ‘ऑपरेशन क्लीन आउट’ शुरू किया है. इसके तहत पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त नेताओं पर सीधी कार्रवाई की गई है. सहारनपुर जिले से बसपा जिलाध्यक्ष जगपाल सिंह ने एक झटके में चार वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से बाहर कर दिया है. इनमें देहात विधानसभा से चुनाव लड़ चुके अजब सिंह, पूर्व मंडल प्रभारी कुलदीप बालियान, रामपुर नगर पंचायत की चेयरमैन रेनू बालियान और ज़िला पंचायत सदस्य रंजीता शामिल हैं. जगपाल सिंह ने कहा कि इन नेताओं को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन ये लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे. इसलिए इनका निष्कासन जरूरी हो गया था.

बसपा के सहारनपुर प्रमुख ने जारी किया निष्कासन का आदेश.
पहले कानपुर और आगरा में भी कार्रवाई
कानपुर में भी तीन पूर्व जिलाध्यक्षों को पार्टी विरोधी कार्यों के चलते बाहर का रास्ता दिखाया गया था. इनमें संजय गौतम, आनंद कुरील और प्रवेंद्र संखवार शामिल हैं. संजय गौतम को तो कुछ दिन पहले ही जिलाध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन सिर्फ दो दिन में ही उन्हें हटा दिया गया. पार्टी नेताओं ने बताया कि सभी को चेतावनी दी गई थी, लेकिन वे नहीं सुधरे. फरवरी 2025 में भी मायावती ने आगरा मंडल प्रभारी डॉ. ज्ञान सिंह को अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित किया था. वे पहले एस-एसटी आयोग के सदस्य समेत कई अहम पदों पर रह चुके हैं.
पार्टी के पेच कसने में जुटीं मायावती
13 जुलाई को मायावती ने लखनऊ में सात दक्षिणी राज्यों- महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में पार्टी संगठन की समीक्षा की. उन्होंने भाषाई विवादों पर चिंता जताई और कहा कि इससे देश की एकता और लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. उन्होंने खास तौर पर मुंबई जैसे शहरों में धर्म, जाति और भाषा की राजनीति को देशहित के लिए खतरनाक बताया और केंद्र सरकार से इसमें रुचि लेने की अपील की.
बार-बार हो रही निष्कासन की कार्रवाइयों से साफ है कि मायावती 2027 की तैयारी में संगठन को फिर से मजबूत करना चाहती हैं. चार बार सत्ता में रह चुकी बसपा अब हर मोर्चे पर सक्रिय होती दिख रही है. मायावती का यह सख्त रवैया संकेत दे रहा है कि बसपा अब अंदरूनी ढीलेपन को और बर्दाश्त नहीं करेगी.

Deepak Verma
Deepak Verma is a journalist currently employed as Deputy News Editor in News18 Hindi (Digital). Born and brought up in Lucknow, Deepak’s journey began with print media and soon transitioned towards digital. He…और पढ़ें
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