Agra News: आगरा की हवा में घुला जहर! दिवाली के बाद AQI लेवल हुआ खतरनाक, इस एप से जानें अपने शहर का हाल
Last Updated:
Agra AQI Update: आगरा में दीपावली के बाद वायु प्रदूषण बढ़ गया है. शहर में कुल 6 प्रदूषण मॉनेटरिंग स्टेशन हैं, जिनमें PM 2.5 और PM 10 की जांच की जाती है. वर्तमान में शहर का एवरेज AQI 166 है. विशेषज्ञों ने आगरा के लोगों को मास्क पहनने और प्रदूषण वाले कार्यों से बचने की सलाह दी है.
आगरा: दीपावली के बाद आगरा की हवा धीरे-धीरे जहरीली होती जा रही थी. आतिशबाजी और बढ़ते वाहन प्रदूषण ने मिलकर शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 200 के पार पहुंचा दिया था. फिलहाल स्थिति में थोड़ा सुधार जरूर हुआ है, लेकिन हवा अभी भी ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है. वर्तमान में आगरा का औसत AQI 166 दर्ज किया गया है.
शहर में हैं कुल 6 मॉनिटरिंग स्टेशन
अमित मिश्रा ने बताया कि आगरा में कुल 6 प्रदूषण मॉनिटरिंग स्टेशन हैं जिनमें से फिलहाल 4 सक्रिय हैं. रोहता स्टेशन का वर्तमान AQI 170 है जबकि संजय प्लेस का AQI 249 दर्ज किया गया है जो सबसे अधिक है. शाहजहां गार्डन स्टेशन का AQI 126 है और शास्त्रीपुरम का AQI 120 दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि संजय प्लेस क्षेत्र की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित है क्योंकि यहां से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं. वाहनों का धुआं और निर्माण कार्य प्रदूषण का मुख्य कारण हैं. सभी स्टेशनों का डेटा ‘समीर’ एप पर स्वतः ऑनलाइन भेजा जाता है जिससे नागरिक अपने क्षेत्र की वायु गुणवत्ता कभी भी देख सकते हैं.
10 अक्टूबर के बाद से बिगड़ने लगी हवा
क्षेत्राधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि 9 अक्टूबर तक आगरा का AQI लेवल 86 (pm10) था जो सामान्य श्रेणी में आता है. लेकिन 10 अक्टूबर के बाद हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती चली गई. उसी दिन AQI 135 (pm10) तक पहुंच गया और तब से यह 135 से नीचे नहीं गया. वर्तमान में आगरा का औसत AQI 166 तक पहुंच चुका है. उन्होंने बताया कि दीपावली के बाद प्रदूषण में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है. आतिशबाजी, वाहनों के धुएं और खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियां इस प्रदूषण का मुख्य कारण हैं.
PM 2.5 और PM 10 क्यों हैं महत्वपूर्ण
हवा में मौजूद सूक्ष्म कण pm 2.5 और pm 10 हमारे शरीर के लिए बेहद हानिकारक होते हैं. pm 10 वे कण होते हैं जो धूल और धुएं से निकलते हैं और सांस के जरिए शरीर में पहुंच जाते हैं. वहीं pm 2.5 और भी खतरनाक माने जाते हैं क्योंकि ये हमारे फेफड़ों के अंदर तक चले जाते हैं और सांस से जुड़ी बीमारियों का कारण बन सकते हैं.
लोगों को बरतनी चाहिए ये सावधानियां
अमित मिश्रा ने कहा कि लोगों को प्रदूषण रोकने में सहयोग करना चाहिए. आतिशबाजी कम से कम चलानी चाहिए. कूड़ा-कचरा या पत्तियां जलाने से बचना चाहिए. निर्माण कार्य की जगहों को ढककर रखना जरूरी है ताकि धूल हवा में न फैले. हवा खराब होने पर मास्क का प्रयोग करें और वाहनों का कम इस्तेमाल करें.
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं…और पढ़ें
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं… और पढ़ें