Agra News : शाहजहां ने ताजमहल में सफेद पत्थर ही क्यों लगवाए, लाल पत्थर में कैसी दिखती मोहब्बत की निशानी, जानें सीक्रेट

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Agra News : शाहजहां ने ताजमहल में सफेद पत्थर ही क्यों लगवाए, लाल पत्थर में कैसी दिखती मोहब्बत की निशानी, जानें सीक्रेट


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Why is white stone taj mahal : ताजमहल किसी परिचय का मोहताज नहीं. उसकी खूबसूरती और उस पर हुई नक्काशी का दीवाना कौन नहीं. ताजमहल की खूबसूरती में उसके सफेद संगमरमर सदियों से चार चांद की तरह दमकते रहे हैं, लेकिन अगर ये सफेद न होते तो ताजमहल कैसा दिखा. क्या इसके पत्थर लाल होते तब भी ताजमहल इतना ही आकर्षक होता. लोकल 18 ने इस बारे में आगरा के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. भानु प्रताप सिंह से बात की.

आगरा. ताजमहल की खूबसूरती का हर कोई दीवाना है. ताज की सफेद संगमरमर की चमक दूर से अपनी ओर आकर्षित करती है. मोहब्बत की मिशाल पेश करती ये खूबसूरत इमारत अगर लाल पत्थर की होती तो कैसी दिखती. कई वर्षों पूर्व मुगल बादशाह शाहजहां ने इस इमारत में सफेद पत्थर लगाए थे. वो जानते थे कि लाल पत्थरों से इसकी खूबसूरती कम रहेगी. इसलिए उन्होंने इस पर सफेद पत्थरों का काम कराया. इतिहासकारों के मुताबिक, सफेद पत्थरों के पीछे लाला बलुआ पत्थर ही लगा हुआ है. कारीगरों ने उसके ऊपर सफेद पत्थर लगाए है, जिससे इसकी मजबूती दोगुनी बढ़ गई है. ताजमहल की खूबसूरती और इमारत पर हुई नक्काशी का हर कोई दीवाना है. ये कारीगरी उस समय की गई थी, जब कोई आधुनिक उपकरण भी नहीं होते थे. आगरा में बने इस ताजमहल के विदेशी भी बेहद दीवाने हैं. देश के कोने-कोने से हर रोज सैलानी ताजमहल का दीदार करने के लिए आते हैं.

लाल होता तब क्या

आगरा के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. भानु प्रताप सिंह बताते हैं कि ताजमहल के सफेद पत्थरों के पीछे लाल बलुआ पत्थर ही लगे हुए हैं. अगर ताजमहल पर सफेद पत्थरों को नहीं लगाया जाता तो ये इतना आकर्षक नहीं दिखता. लाल पत्थर से बना ताजमहल कम खूबसूरत दिखता. इसी कारण इस पर सफेद पत्थरों को लगाया गया है. ताजमहल की खूबसूरती पर चार चांद सफेद पत्थर ही लगाते हैं. जब चांद की रौशनी इन पत्थरों पर पड़ती है तो इसकी खूबसूरती और ज्यादा बढ़ जाती है.

इस पर नक्काशी आराम

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. भानु प्रताप सिंह के मुताबिक, ताजमहल की मुख्य गुम्बद पर सफेद पत्थर लगे हुए हैं. इन सफेद पत्थरों के पीछे लाल बलुआ पत्थर लगे हुए हैं. इससे ताजमहल को मजबूती भी मिली है. हालांकि इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए ही सफेद पत्थरों का काम कराया गया था. सफेद पत्थरों पर नक्काशी का काम भी आसानी से किया जा सकता है. इसकी इतनी खूबसूरती का कारण ही सफेद पत्थर हैं. पुराने समय के लोग ताजमहल की छांव को देखकर सही समय बता दिया करते थे.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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ताजमहल में सफेद पत्थर ही क्यों? लाल में कैसी दिखती मोहब्बत की निशानी, जानें



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