Agri tips : अमरूद के साथ आलू…गोंडा के ये किसान कर रहा जोरदार खेती, प्रति बीघा छप्पर फाड़ कमाई
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Sahfasli kheti : किसान भाई थोड़ा सा दिमाग लगाकर इस ट्रिक का फायदा उठा सकते हैं, जैसे गोंडा के प्रवीण उठा रहे हैं. उन्होंने आजमाए हुए तरीकों को बस अच्छे से फॉलो किया है और आज अपने इलाके के चर्चित किसान हैं. इससे अगर एक फसल खराब हो जाती है, तो दूसरी से भरपाई हो जाएगी. किसानों को और क्या चाहिए.
Potato Guava Intercropping/गोंडा. उत्तर प्रदेश के इस किसान ने कमाल कर दिखाया है. गोंडा जिले के प्रगतिशील किसान प्रवीण कुमार सिंह अमरूद के साथ आलू की सहफसली खेती कर रहे हैं. इस तकनीक से न सिर्फ खेत की उपज बढ़ी है बल्कि खर्च भी कम हुआ है. आमदनी पहले से दोगुनी हो गई है. लोकल 18 से बातचीत में प्रवीण बताते हैं कि उन्होंने अपने खेत में अमरूद के पौधों के बीच की खाली जगह का सही उपयोग करने के लिए आलू की फसल लगाई. अमरूद के पौधे आमतौर पर 8 से 8 फीट की दूरी पर लगाए जाते हैं, जिससे उनके बीच की जमीन खाली रह जाती है. इस जगह में आलू की खेती करने से खेत का पूरा उपयोग हो जाता है और दो फसलों से एक साथ फायदा मिलता है.
इतने दिन में तैयार
प्रवीण सिंह बताते हैं कि वे अमरूद के साथ आलू की खेती 1 एकड़ में कर रहे हैं. अमरूद के पेड़ों की छांव के कारण मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है, जिससे आलू की सिंचाई पर खर्च कम होता है. आलू की फसल 90 से 100 दिनों में तैयार हो जाती है, जबकि अमरूद के पेड़ सालभर फल देते हैं. इस तरह एक ही खेत से साल में दो तरह की आमदनी हो जाती है. अमरूद और आलू दोनों ही फसलें एक-दूसरे के विकास में बाधा नहीं डालतीं. अमरूद के पेड़ की जड़ों को नुकसान नहीं होता और आलू को पर्याप्त धूप और नमी मिल जाती है. अगर किसान सही तरीके से दोनों फसलों की देखभाल करें तो प्रति बीघा खेत से 40 से 50 हजार रुपये तक का मुनाफा कमाया जा सकता है.
जोखिम कम, पैदावार ज्यादा
प्रवीण कुमार सिंह के अनुसार, सहफसली खेती (Intercropping) खेती का एक आधुनिक तरीका है, जिससे जमीन की उत्पादकता बढ़ती है और जोखिम कम होता है. अगर किसी फसल में नुकसान हो जाए तो दूसरी फसल से उसकी भरपाई हो जाती है. प्रवीण कुमार सिंह बताते हैं कि अमरूद और आलू की सहफसली खेती एक बेहतरीन उदाहरण है कि अगर किसान थोड़ी समझदारी और नई तकनीक अपनाएं तो कम जगह और कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है.
Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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