Agriculture: लहसुन की पैदावार दोगुनी कर देगा पराली वाला ये धांसू जुगाड़, किसानों को बना देगा मालामाल, ऐसे करें इस्तेमाल

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Agriculture: लहसुन की पैदावार दोगुनी कर देगा पराली वाला ये धांसू जुगाड़, किसानों को बना देगा मालामाल, ऐसे करें इस्तेमाल


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Parali Ka Istemal in Agriculture: रामपुर के किसान रमेश ने खेती में एक अनोखा प्रयोग किया है. जहां ज़्यादातर किसान पराली जलाने को मजबूर होते हैं, वहीं उन्होंने इस पराली को खेत की ताकत बना दिया. उनकी यह तकनीक उनके लिए वरदान साबित हुई है. इस तरीके से मिट्टी उपजाऊ हो रही है और सिंचाई का खर्च भी कम हो गया है. जानिए क्या है वो खास तरीका.

रामपुर: कभी जिसे किसान बोझ समझकर जला देते थे, अब वही पराली खेती में वरदान साबित हो रही है. रामपुर के सिगनखेड़ा गांव के किसान रमेश ने यह कर दिखाया है. उन्होंने साबित कर दिया कि अगर पराली को जलाने की बजाय समझदारी से इस्तेमाल किया जाए, तो यह खेत की मिट्टी को उपजाऊ बना सकती है और अच्छी आमदनी भी दिला सकती है.

रमेश बताते हैं कि पहले वे हर साल फसल कटाई के बाद पराली जला देते थे, जिससे मिट्टी की उर्वरता घटती थी. लेकिन अब उन्होंने पराली को खेत में बिछाकर मिट्टी की सेहत सुधारने का तरीका अपनाया है. वे पिछले पांच सालों से यह प्रयोग कर रहे हैं और अब उनकी खेती में शानदार परिणाम देखने को मिल रहे हैं.

लहसुन और मिर्च की खेती में पराली का उपयोग
किसान रमेश ने अपने खेत में 5 बीघा में लहसुन और मिर्च की खेती की है. इसके लिए उन्होंने 13 बीघा की पराली का इस्तेमाल किया. खेत में पराली की हल्की परत बिछाने से मिट्टी में जैविक कार्बन और पोषक तत्व बढ़ जाते हैं. इससे मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है और सिंचाई पर खर्च घट जाता है. रमेश बताते हैं कि पहले उन्हें हर चार से पांच दिन में पानी देना पड़ता था, लेकिन अब एक बार पानी देने के बाद खेत एक हफ्ते तक नम रहता है.

खरपतवार से मिलेगी राहत
आगे उन्होंने बताया कि पराली खेत में बिछाने से एक और फायदा यह हुआ कि अब खेत में खरपतवार नहीं उगते. पहले रमेश को खेत की घास साफ करने के लिए मजदूर लगाने पड़ते थे जिससे खर्च बढ़ता था. लेकिन अब पराली की परत खरपतवार को बढ़ने से रोकती है. इससे मजदूरी पर खर्च कम हुआ और मेहनत भी घट गई.

25 प्रतिशत तक बढ़ी पैदावार
रमेश बताते हैं कि इस तकनीक से उनकी फसल की पैदावार लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ गई है. मिट्टी में मौजूद सूक्ष्म जीव यानी माइक्रोब्स बचे रहते हैं जिससे खेत की उर्वरता साल-दर-साल बढ़ती जा रही है. अब उनके खेत की मिट्टी पहले से कहीं अधिक मुलायम और उपजाऊ हो गई है.

उन्होंने कहा कि अगर किसान इस तकनीक को अपनाएं तो न सिर्फ पराली जलाने से प्रदूषण कम होगा, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ेगी और खेती में मुनाफा दोगुना होगा.

Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं…और पढ़ें

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं… और पढ़ें

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लहसुन की पैदावार दोगुनी कर देगा पराली वाला धांसू जुगाड़, किसान बनेंगे मालामाल



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