AI से शिक्षा सुधरेगी या बिगड़ेगी? बजट पर छात्रों की चिंता, कहा- ‘बच्चों के लिए खतरनाक’
मिर्जापुर: केंद्र सरकार के द्वारा बजट पेश किया गया है. बजट पेश किए जाने के बाद शिक्षा को लेकर विशेष ध्यान दिया गया है. चाहे वह हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की बात हो या फिर एआई आधारित शिक्षा प्रणाली को बेहतर करने की बात हो. बजट में इन बातों पर विशेष ध्यान दिया गया है.
इसके साथ ही शिक्षा पर टीडीएस को 5 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है. बजट का ऐलान होने के बाद जब छात्रों से बातचीत की गई, तो उनका कहना था कि जमीनी स्तर पर बजट का लाभ नजर आए, क्योंकि इसका लाभ जमीनी स्तर पर नहीं नजर आता है. यह सिर्फ कागजों पर ही नजर आता है.
AI को लेकर बोली जनता
अजीत कुमार सिंह ने लोकल 18 से बताया कि शिक्षा को लेकर बजट में टीडीएस घटाया है. यह टीडीएस 2004 में एक प्रतिशत था. फिर इसे बढ़ाकर 5 प्रतिशत तक कर दिया गया. पहले टीडीएस को बढ़ाते हैं और फिर घटा देते हैं, टीडीएस घटाया गया है. इसके लिए विशेष धन्यवाद देते हैं. सरकार ने एआई पर ध्यान देने की बात कही है.
एआई फायदेमंद है, तो घाटे का सौदा भी है. एआई पर कंटेंट भी गलत आ रहे हैं, जिससे बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है. इसलिए एआई पर सेंसरशिप लागू होना चाहिए, ताकि किसी को परेशानी न हो और उसका सदुपयोग हो सके. बजट में ऐलान तो होता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई लाभ नहीं होता है. छात्र हित की बात तो कही जाती है, लेकिन पूरे साल हित नजर नहीं आता है.
बजट के अनुसार हो काम
आदर्श दूबे ने बताया कि सरकार का काम बजट पास करना है. जो बजट सरकार पास कर रही है, उसका सही से इस्तेमाल हो रहा है या नहीं हो रहा है, इसपर विशेष ख्याल करना चाहिए. गर्ल्स हॉस्टल बनाने को लेकर ऐलान हुआ है. हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द इसपर काम हो और इसे बनाया जाए, ताकि फायदा मिल सके.
उन्होंने कहा कि एआई का सही से इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन यह घातक भी साबित हो रहा है. यह क्राइम सीन को हूबहू तैयार रहा है, इससे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. सरकार को एआई के लिए अलग डिपार्टमेंट बनाना चाहिए और एआई का इस्तेमाल छात्र ज्यादा से ज्यादा करें. इसे ध्यान में रखना चाहिए.
छात्रहित में होगा लाभपद्र
शुभम दूबे ने कहा कि सरकार ने शिक्षा पर टीडीएस घटाकर 2 प्रतिशत किया है. इसके लिए सरकार को धन्यवाद देते हैं, क्योकि, इसका लाभ मिलेगा. सरकार पहले से ही सर्व शिक्षा अभियान चला रही है, जो काफी हितकारी है. एआई आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना अच्छी बात है, लेकिन इसका सिर्फ सदुपयोग हो, इसपर सरकार को ध्यान देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी पर भी काम होना चाहिए. सर्वेश मौर्य ने बताया कि बजट हर साल आता है. किसी साल कुछ बढ़ा दिया जाता है, तो किसी साल कुछ घटा दिया जाता है. बजट का इम्प्लीमेंट जमीनी स्तर पर हो, इसके लिए काम होना चाहिए, यह सबसे जरूरी है.