Akhilesh Yadav : कांशीराम को सांसद किसने बनाया, सांठगांठ किससे है? मायावती के हमले पर अखिलेश यादव का जवाबी हमला
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Akhilesh Yadav on Mayawati Allegations : अखिलेश यादव ने कहा कि ‘कांशीराम की प्रतिमा बीएसपी के अलावा मैंने ही लगवाई. पार्कों और स्मारकों का रखरखाव भी मैंने सुनिश्चित किया. एक बार एयरपोर्ट से जाते समय देखा और पाया कि वहां लगे खजूर के पेड़ सूख गए थे, तो मैंने नए पेड़ लगवाए.
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की महारैली के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मायावती के आरोपों पर अपनी राय दी. मायावती ने कांशीराम स्मारक स्थल की देखरेख और रख रखाव को लेकर तत्कालीन सपा सरकार पर निशाना साधा तो अखिलेश यादव ने कहा कि अब आप समझ लीजिए कि सांठगांठ किससे है? उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में कांशीराम स्मारक स्थल पर कई तरह के पेड़ लगाए गए. हमने एलडीए को बाकायदा इसके रखरखाव के आदेश दिए, लेकिन आज स्मारक के पत्थर काले पड़ गए हैं. यही नहीं, अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे मोहनलालगंज के सांसद आरके चौधरी ने बताया कि कैसे कांशीराम को नेताजी यानी मुलायम सिंह यादव और हम लोगों ने मिलकर उन्हें सांसद बनाया था.
अंदरूनी सांठगांठ अभी जारी है..
सपा प्रमुख ने कहा कि ‘कांशीराम को सांसद बनाने के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया, नेताजी मुलायम सिंह यादव, और कई साथी साथ थे. उस समय कम्युनल राजनीति का मुकाबला किया गया’. उन्होंने आगे कहा कि ‘बसपा की अंदरूनी सांठगांठ आज भी जारी है, लेकिन हमारी लड़ाई हमेशा समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए रही है.’
कांशीराम स्मारक स्थल पर आज पत्थर काले पड़ गए हैं…
उन्होंने कहा कि ‘कांशीराम की प्रतिमा बीएसपी के अलावा मैंने ही लगवाई. पार्कों और स्मारकों का रखरखाव भी मैंने सुनिश्चित किया. एक बार एयरपोर्ट से जाते समय देखा और पाया कि वहां लगे खजूर के पेड़ सूख गए थे, तो मैंने नए पेड़ लगवाए. आज भाजपा ने इनकी देखभाल नहीं की. यहां तक की स्मारक के पत्थर काले तक पड़ गए हैं.’
अखिलेश ने कहा कि ‘भाजपा झूठे मामलों का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना चाहती है और झूठ बोलने में नंबर वन है. एनसीआरबी के डेटा के अनुसार, यूपी में सबसे ज्यादा दलित उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं, महिलाओं की सुरक्षा भी खतरे में है. थानों में भेदभाव और नियुक्तियों में असमानता जारी है. भाजपा की नीतियां केवल सत्ता और संपत्ति के लिए हैं.’
उन्होंने बरेली में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि ‘बरेली हिंसा प्रशासन की नाकामी थी. जानबूझकर ऐसा कराया गया ताकि भाजपा को राजनीतिक लाभ मिले. कटेहरी विधानसभा जीताने के लिए डीएम को बरेली जैसे बड़े जिले में तैनात किया गया. एक लेखपाल ने 100 करोड़ रुपये कमाए, सोचिए बाकी अधिकारी कितने कमाए होंगे. बरेली में बुलडोजर गरीब, मुसलमान और सपा नेताओं पर चला, सत्ता पक्ष के अन्य लोगों पर नहीं.’
आजम खान के साथ मुलाकात पर क्या बोले?
अखिलेश ने आजम खान के साथ अपनी हालिया मुलाकात पर कहा, ‘कांशीराम स्मारक स्थल हमारी उनसे अच्छी मुलाकात हुई और आगे भी ऐसी ही रहेगी. हमारी कोशिश रहेगी कि सहयोग बढ़े और समाज के कमजोर वर्गों की आवाज बुलंद रहे.’ उन्होंने उल्लेख किया कि ‘जब सीजेआई ने बुलडोजर के खिलाफ आवाज उठाई, तो उन पर जूता फेंका गया. सुनने में आया है कि आरोपी वकील संघ का सदस्य था. यह लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था पर बड़ा हमला है.’
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Senior Assistant Editor in News18 Hindi with the responsibility of Regional Head (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Bihar, Jharkhand, Rajasthan, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Himachal Pradesh, Haryana). Active in jou…और पढ़ें
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