Ayodhya News : गुप्तार घाट पर जीवंत होगी ‘रामायण’! 25 कलाकार गढ़ रहे प्रभु राम की जीवन लीला
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Ayodhya News In Hindi : अयोध्या के सरयू तट स्थित गुप्तार घाट पर रामायण काल को जीवंत रूप देने की तैयारी जोरों पर है. यहां बन रहे रामायण पार्क में 25 हिंदू-मुस्लिम कलाकार मिलकर प्रभु राम के जन्म से लेकर रावण वध और राज्याभिषेक तक के प्रसंगों को मूर्त रूप दे रहे हैं. सूत्रों के अनुसार यह पार्क दिसंबर तक तैयार हो सकता है.
अयोध्या. भगवान राम की नगरी में आने वाले भक्तों को जल्द ही एक बड़ी सौगात मिलने वाली है. योगी सरकार अयोध्या में एक ऐसा अनोखा स्थल तैयार कर रही है, जहां श्रद्धालु रामायण काल की पूरी गाथा यानि प्रभु श्रीराम के जन्म से लेकर रावण वध और राज्याभिषेक तक की कहानी एक ही जगह पर देख सकेंगे. सरयू तट स्थित गुप्तार घाट पर बन रहा रामायण पार्क इसी अनूठी पहल का हिस्सा है.
अयोध्या विकास प्राधिकरण के नेतृत्व में पिछले ढाई वर्षों से चल रहा यह प्रोजेक्ट अब अंतिम चरण में है, और दिसंबर तक इसका काम पूरा हो जाएगा. पार्क में रामायण के प्रमुख प्रसंगों को मूर्तिरूप दिया गया है, जिन पर लगभग 25 कारीगर काम कर रहे हैं. खास बात यह है कि इनमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के शिल्पकार शामिल हैं जिससे यह पार्क न सिर्फ धार्मिकता का प्रतीक बनेगा, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल भी पेश करेगा.
एक स्थान पर रामायण की पूरी झलक
इस पार्क में प्रभु श्रीराम की 12 फीट ऊंची प्रतिमा, हनुमान जी महाराज की 25 फीट की प्रतिमा, और लंका पति रावण की सबसे बड़ी 26 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जा रही है. पार्क का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को रामायण काल की बारीकियों से परिचित कराना है ताकि वे समझ सकें कि कैसे प्रभु श्रीराम ने मर्यादा, धर्म और आदर्शों का पालन करते हुए लंका पर विजय प्राप्त की थी. यहां आगंतुकों को राम जन्म से लेकर रावण वध और राज्याभिषेक तक की संपूर्ण झलक एक ही स्थान पर देखने को मिलेगी.
बनेगा आस्था और अध्यात्म का एक नया केंद्र
अयोध्या आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय लोग इस पार्क को लेकर बेहद उत्साहित हैं. संत समुदाय का कहना है कि यह पार्क न केवल त्रेतायुग को जीवंत करेगा, बल्कि आस्था और अध्यात्म का एक नया केंद्र भी बनेगा. खास बात यह है कि इस पार्क के निर्माण में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के शिल्पकार मिलकर काम कर रहे हैं — जो भाईचारे और सौहार्द का सुंदर संदेश देता है.
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
रामायण पार्क के आर्टिस्ट बृजेश ने बताया कि सरयू तट स्थित गुप्तार घाट के पास करीब ढाई साल से रामायण पार्क का निर्माण कार्य जारी है. इस पार्क को 25 कुशल कारीगरों की टीम तैयार कर रही है, जिसमें खास बात यह है कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के शिल्पकार मिलकर काम कर रहे हैं.वहीं सरयू आरती स्थल के अध्यक्ष शशिकांत दास ने कहा कि अयोध्या में रामायण पार्क का निर्माण आस्था और सौहार्द का प्रतीक है. उन्होंने बताया कि इस परियोजना में हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों की भागीदारी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश कर रही है. अयोध्या सदियों से आपसी भाईचारे और एकता की नगरी रही है, और यह पार्क न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि नई पीढ़ी को रामायण की गाथा को नजदीक से समझने का अवसर भी प्रदान करेगा.
मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें
मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु… और पढ़ें