Chitrakoot News : चित्रकूट में वाहन फिटनेस का बदला नियम, स्कूल संगठनों ने जताई आपत्ति, बोले- बाहर जाने में होगी परेशानी
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Chitrakoot school vehicles fitness rules : चित्रकूट के सभी स्कूलों के वाहनों को फिटनेस के लिए फतेहपुर भेजा जाना अनिवार्य कर दिया गया है. स्कूल संचालकों का कहना है कि विद्यालय वाहन रोजाना बच्चों को लाने-ले जाने में लगे रहते हैं. ऐसे में फिटनेस के लिए उन्हें दूसरे जिले भेजने पर कई दिनों तक वाहन बाहर रहेंगे, जिससे परेशानी बढ़ेगी. जिलाधिकारी पुलकित गर्ग का कहना है कि इस विषय को संबंधित विभाग के समक्ष रखा जाएगा ताकि अनावश्यक परेशानी न हो.
चित्रकूट. यूपी के चित्रकूट में स्कूल वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया को लेकर लागू किए गए नए नियम ने निजी विद्यालय प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. शासनादेश के तहत अब जिले के सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच के लिए उन्हें गैर जनपद भेजने का प्रावधान किया गया है. इसके बाद से विद्यालय संगठनों ने प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है और इसे व्यवहारिक रूप से अव्यवहारिक बताया है. बुंदेलखंड अनएडेड स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी पुलकित गर्ग से इस संबंध में मुलाकात भी की है. इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए संगठन ने मांग की कि विद्यालय वाहनों की फिटनेस जांच जनपद स्तर पर ही कराई जाए, जैसा कि अब तक होता रहा है. एसोसिएशन का कहना है कि वाहनों को बाहर भेजने से न केवल आर्थिक बोझ बढ़ेगा, बल्कि स्कूल संचालन भी प्रभावित होगा.
कहां जाना होगा
एसोसिएशन के फाउंडर स्वप्निल अग्रवाल ने बताया कि शासन के हालिया निर्देश के अनुसार चित्रकूट के समस्त विद्यालयों के वाहनों को फिटनेस के लिए फतेहपुर जनपद भेजा जाना अनिवार्य कर दिया गया है. यह निर्णय जमीनी हकीकत से परे है. उन्होंने कहा कि विद्यालय वाहन रोजाना बच्चों को लाने-ले जाने में लगे रहते हैं. ऐसे में फिटनेस के लिए उन्हें दूसरे जिले भेजने पर कई दिनों तक वाहन बाहर रहेंगे, जिससे बच्चों की सुरक्षा और आवागमन दोनों प्रभावित होंगे.
पहले होता था ऐसे
स्वप्निल अग्रवाल के मुताबिक, अब तक जिला स्तर पर ही परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा फिटनेस की प्रक्रिया पूरी की जाती रही है, जिससे स्कूलों को किसी प्रकार की अतिरिक्त परेशानी नहीं होती थी. नए नियम से न सिर्फ समय और धन की बर्बादी होगी, बल्कि छोटे विद्यालयों के लिए यह व्यवस्था और भी कठिन साबित होगी. दूसरे जनपद जाने के दौरान वाहन चालकों, कागजी औपचारिकताओं और संभावित चालान जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ेगा. जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने विद्यालय प्रबंधकों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि इस विषय को प्रदेश स्तर पर संबंधित विभाग के समक्ष रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए कोई व्यावहारिक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अनावश्यक परेशानी न हो.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें