Diwali 2025: कुम्हारों के घर भी जले उम्मीदों के दीए, चेहरे पर लौटी रौनक; मिट्टी के दीयों से बढ़ी कमाई
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Mirzapur News: शहर के महुवारिया के रहने वाले अभिषेक प्रजापति वर्षों से मिट्टी के दिए और कुल्हड़ आदि तैयार कर रहे हैं. यह उनका पुस्तैनी काम है. दीवाली पर उनके बनाए दियों की डिमांड बढ़ गई है. पहले की अपेक्षा अब ज्यादा दिए बिक रहे हैं. इससे उनकी आमदनी भी बढ़ी है और त्यौहार पर उनके घर भी उजियारा हुआ है.
Diwali 2025: दीवाली पर्व रोशनी का त्यौहार होता है. उजालों के बीच जश्न के साथ पर्व मनाया जाता है. इस त्यौहार पर सबसे ज्यादा खास होता है मिट्टी के दिए. मिट्टी के दिए में तेल और रुई की बत्तियों से पूरा घर जगमग रहता है. यह एक ऐसा त्यौहार है, जिसपर कुम्हारों के घर भी उम्मीदों की रोशनी से जगमग होते हैं. पूरे साल जीविका चलाने की जद्दोजहद के बाद दिवाली पर उनके घर रोशनी जलती है और घर जगमग होता है. कुम्हारों का कहना है कि यहीं एक ऐसा त्यौहार है, जिसपर अच्छी कमाई होती है और पूरे साल तक चलता है. बाकी दिनों में न मिट्टी के दीयों को डिमांड रहती है और न ही कोई खरीदना चाहता है.
शहर के महुवारिया के रहने वाले अभिषेक प्रजापति वर्षों से मिट्टी के दिए और कुल्हड़ आदि तैयार कर रहे हैं. यह उनका पुस्तैनी काम है. दीवाली पर उनके बनाए दियों की डिमांड बढ़ गई है. पहले की अपेक्षा अब ज्यादा दिए बिक रहे हैं. इससे उनकी आमदनी भी बढ़ी है और त्यौहार पर उनके घर भी उजियारा हुआ है. प्रतिदिन 800 से 1000 की कमाई हो रही है. आम दिनों में अभिषेक प्रजापति चाय का कुल्हड़ बनाते हैं. उन दिनों में दिए कि डिमांड कम रहती है. हालांकि, दीवाली पर एक बार फिर से दीयों की डिमांड बढ़ गई है और और अभिषेक की कमाई भी भी इजाफा हुआ है.
70 वर्षो से कर रहे हैं काम
अभिषेक प्रजापति ने लोकल 18 से बताया कि हम लोगों के दादा मिट्टी के दिए आदि सामानों को तैयार करते चले आ रहे हैं. यह काम 70 वर्षों से भी पुराना है, जो चला आ रहा है. दीवाली पर डिमांड अधिक रहती है. अभी पहले से ज्यादा बिक्री हो रही है. काम के ऊपर बिक्री निर्भर रहती है. प्रतिदिन करीब 8 सौ रुपये की कमाई होती है. हम लोगों के पास दीये का काम सिर्फ इसी सीजन में रहता है. उसके अलावा ऑफ सीजन में हम लोग मिट्टी के कुल्लड़ आदि सामानों को तैयार करते हैं. उसकी भी मांग ठीक रहती है. दिवाली के बाद कारोबार थोड़ा फीका हो जाता है.
काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें
काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की… और पढ़ें