Farming idea : गेहूं-धान छोड़ सफेद सोना उगा रहा गोंडा का ये किसान, 5 लाख लागत, 30 इनकम, सिर्फ 4 महीने की खेती
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Mushroom cultivation Benefits : गेहूं-धान की खेती में घाटा झेल रहे किसानों के लिए गोंडा का ये कृषक नई उम्मीद है. गोंडा के प्रगृतिशील किसान अमरनाथ चतुर्वेदी ने भी पहले खूब झटके खाए. कितनी भी मेहनत करते, खेती से मुनाफा हो ही नहीं रहा था. ऐसे में उन्होंने मशरूम उगाने की ठानी. पड़ोस के मशरूम किसानों से बात कर इसकी खेती में कूद पड़े. छोटी सी शुरुआत आज लाखों के मुनाफे में बदल चुकी है. लोकल 18 इस किसान से बातचीत करने उनके खेत में पहुंचा.
गोंडा. यूपी के किसान परंपरागत खेती से आगे बढ़कर नए-नए प्रयोग कर रहे हैं. इसी कड़ी में गोंडा का एक किसान गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों को छोड़कर मशरूम की खेती करने में जुटा है. आज वे इससे सालाना लाखों रुपये की कमाई कर रहा है. इस किसान ने बटन मशरूम की खेती शुरू की, जो कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली मानी जाती है. लोकल 18 से बातचीत में गोंडा के प्रगतिशील किसान अमरनाथ चतुर्वेदी बताते हैं कि पहले वे परंपरागत खेती करते थे, लेकिन बढ़ती लागत और कम मुनाफे के कारण आमदनी सीमित रह जाती थी. उन्होंने देखा कि पड़ोस में कई लोग मशरूम की खेती कर रहे हैं. उन्हीं से जानकारी लेकर मशरूम की खेती शुरू की. शुरुआत में छोटे स्तर पर काम किया, लेकिन जब मुनाफा दिखा तो धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ा दिया.
कहां से सीखा
अमरनाथ चतुर्वेदी बताते हैं कि उन्होंने ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की. उनको जॉब करने का शौक नहीं था. खुद का बिजनेस करना था. उन्होंने खेती को अपना बिजनेस बनाया. इस समय मशरूम की खेती करके सालाना लाखों का इनकम कर रहे हैं. अमरनाथ चतुर्वेदी बताते हैं कि मशरूम की खेती का आइडिया हमें पड़ोस के किसान को देखकर मिला है. हमारे बगल में काफी लोग मशरूम की खेती करते थे. हमने उनसे बातचीत की और शुरू में छोटे स्तर पर मशरूम उगाया. अमरनाथ चतुर्वेदी बताते हैं कि मशरूम का स्पॉन हरियाणा के पानीपत से मांगते हैं.
कहां बेच रहा
अमरनाथ बताते हैं कि मशरूम की खेती 4 से 5 महीने की होती है. इस समय हम चार छप्पर में मशरूम की खेती कर रहे हैं, जिससे रोजाना 10 से 12 कुंतल मशरूम का उत्पादन हो रहा है. अमरनाथ चतुर्वेदी बताते हैं कि हमारे मशरूम की सप्लाई बलरामपुर, तुलसीपुर, गोंडा और बहराइच में होती है. कुछ लोग हमारे फार्म पर आकर मशरूम ले जाते हैं. अमरनाथ के मुताबिक, शुरुआत में मशरूम की खेती में 5 से 6 लाख रुपए की लागत लगी. अमरनाथ बताते हैं कि इस समय मशरूम की खेती से उन्हें 25 से 30 लाख रुपए का टर्नओवर हो रहा है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें