Farrukhabad News: फर्रुखाबाद की ‘आदर्श प्रेरणा कैंटीन’ बनी मिसाल, गुंजन की मेहनत से महिलाएं हुई आत्मनिर्भर; रोजगार से बदला जीवन
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Farrukhabad News: फर्रुखाबाद जिले के प्रत्येक विकासखंड में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups) संचालित किए जा रहे हैं. इन्हीं के तहत भगुआ नगला गांव की महिलाओं ने ग्राम संगठन बनाकर रसोई की शुरुआत की है. इससे उन्हें अच्छा-खासा मुनाफा हो रहा है.
Farrukhabad Adarsh Prerna Canteen: फर्रुखाबाद जिला अस्पताल लोहिया में मरीजों को कम कीमत पर स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले की प्रगतिशील महिला गुंजन “आदर्श प्रेरणा कैंटीन” संचालित कर रही हैं. इस कैंटीन के माध्यम से गुंजन न सिर्फ लोगों की सेवा कर रही हैं, बल्कि अपनी मेहनत और लगन से आत्मनिर्भर बनते हुए समाज में एक नई पहचान भी बना रही हैं. उनका लक्ष्य है कि अस्पताल में भर्ती हर मरीज की थाली में स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण भोजन पहुंचे. इसी उद्देश्य से वह लगातार कैंटीन का संचालन कर रही हैं और मानव सेवा को समर्पित हैं. आइए जानते हैं उनकी प्रेरक कहानी.
महिलाओं को स्वावलंबन की राह
फर्रुखाबाद में संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी आजीविका मिशन (NRLM/NULM) के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जा रही है. इसी के तहत भगुआ नगला की महिलाओं ने समूह बनाकर धीरे-धीरे बचत शुरू की. सरकार के सहयोग से उन्होंने बाजार से कच्चा माल खरीदा और रसोई का काम शुरू किया. आज यह समूह मुनाफा कमा रहा है और सफलता की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है.
गुंजन बनीं महिला सशक्तिकरण की प्रेरणा
लोकल 18 से बातचीत में आदर्श स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष गुंजन ने बताया कि पहले महिलाएं आर्थिक तंगी से जूझती थीं, लेकिन अब सरकार की योजना से उन्हें रोजगार का अवसर मिला है. अब उन्हें किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती. वे आत्मनिर्भर हो चुकी हैं. घर की जिम्मेदारी के साथ-साथ व्यापार में भी दक्ष हो गई हैं. वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित समूह उत्पाद विक्रय केंद्र और आदर्श प्रेरणा कैंटीन पर ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है.
रसोई में हर स्वाद मौजूद
आदर्श प्रेरणा कैंटीन पर मुख्य रूप से सभी प्रकार की सब्जियां, दाल, चावल, रायता, अचार, सलाद और मिठाइयां हर समय ताज़ा तैयार मिलती हैं. यहां मात्र 20 रुपए से लेकर 70 रुपए तक में गुणवत्तापूर्ण थाली उपलब्ध कराई जाती है. इसके अलावा कैंटीन में विभिन्न प्रकार के फास्ट फूड, मोटे अनाज, तिल और मेवों से बने स्पेशल लड्डू, तथा पेय पदार्थ भी मिलते हैं, जो अब लोगों की दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं.
आर्थिक रूप से सशक्त बनी महिलाएं
गुंजन और उनके समूह की यह पहल न सिर्फ मरीजों और आम लोगों को कम दाम में स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध करा रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है. यह कहानी बताती है कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो तो आत्मनिर्भर बनने की राह खुद बन जाती है.
काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें
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