Fish Farming: नहीं रुकेगी मछलियों की ग्रोथ, अपनाएं नर्सरी मॉडल; पंगेशियस पालन से कमाएं दोगुना मुनाफा
Fish Farming: मौसम का बदलना मछली पालकों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है. लेकिन आधुनिक तकनीक इसे मुनाफे में बदल रही है. सीनियर फिश इंस्पेक्टर इंद्रपाल सिंह के अनुसार पॉलीहाउस और नर्सरी आधारित तकनीक अपनाकर किसान उत्पादन बढ़ा सकते है. खासतौर पर पंगेशियस (कवैई/करई) मछली ठंड में धीमी बढ़ती है, क्योंकि पानी का तापमान गिर जाता है. ऐसे में तालाब के एक हिस्से को पॉलिथीन या त्रिपाल से ढककर तापमान नियंत्रित रखा जाता है. एक हेक्टेयर तालाब में 0.1 हेक्टेयर नर्सरी बनाकर सीड सुरक्षित रखा जाए और फरवरी-मार्च में स्टॉक किया जाए तो 3-4 महीने में मछली तैयार हो जाती है. सर्दियों में इसका भाव 130-140 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाता है जो सामान्य 100 रुपये से अधिक है. इससे किसानों की आय दो से तीन गुना तक बढ़ सकती है.