Flower farming : पेमेंट का इंतजार नहीं, आधा खर्चा उठा रही सरकार, मेरठ के गन्ना बेल्ट में रजनीगंधा उगा रहे किसान

0
Flower farming : पेमेंट का इंतजार नहीं, आधा खर्चा उठा रही सरकार, मेरठ के गन्ना बेल्ट में रजनीगंधा उगा रहे किसान


Last Updated:

Flower farming Meerut : क्रांति धरा मेरठ के किसानों में फूलों के प्रति रुझान बढ़ रहा है. गन्ना बेल्ट की पहचान रखने वाले इस इलाके में अब रजनीगंधा, गेंदा और गुलाब समेत विदेशी वैरायटी के फूलों को उगाया जा रहा है. दिल्ली और गाजीपुर मंडी के करीब होने का फायदा किसान को मिल रहा है. गन्ने की तरह पेमेंट के लिए इंतजार नहीं करना पड़ा. पैसा हाथोंहाथ मिल जाता है. सरकार की ओर से लागत के 50% तक का अनुदान भी मिल रहा है. गुलदस्ते का क्रेज बढ़ने से इसका सीधा फायदा किसानों को हो रहा है.

मेरठ. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ को गन्ना बेल्ट के रूप में जाना जाता है, लेकिन अब यहां किसानों में गन्ने की जगह फूलों की खेती के प्रति भी रुझान देखने को मिल‌ रहा है. मेरठ के कई इलाकों में बड़ी संख्या में किसान फूलों की खेती अपना रहे हैं. इस बारे में लोकल 18 ने मेरठ जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार से बात की. उद्यान अधिकारी अरुण कुमार बताते हैं कि यहां के किसान फूलों की खेती को काफी तेजी से अपना रहे हैं. कारण है यहां से दिल्ली और गाजीपुर मंडी का नजदीक होना. किसान अपने फूलों को आसानी से बेच लेते हैं. गन्ने की तरह पेमेंट के लिए इंतजार करने की आवश्यकता नहीं पड़ती. पेमेंट तुरंत हो जाता है.

अरुण कुमार बताते हैं कि पहले मेरठ में गेंदा, गुलाब आधारित खेती बड़ी मात्रा में की जाती थी, लेकिन अब किसानों में आधुनिक खेती के प्रति भी काफी रुझान बढ़ गया है. यहां पर रजनीगंधा सहित विभिन्न विदेशी फूलों को भी काफी तरजीह दी जा रही है. वैवाहिक और अन्य कार्यक्रमों में अब गुलदस्ते का क्रेज काफी देखने को मिलता है. इन सभी फूलों के बने हुए गुलदस्ते को लोग खरीदना पसंद करते हैं. इसका सीधा फायदा किसानों को हो रहा है.

यहां करें संपर्क

अरुण कुमार बताते हैं कि जो भी किसान फूलों से संबंधित खेती करते हैं या पॉलीहाउस में इन्हें उगा रहे हैं, उन्हें सरकार की ओर से अनुदान उपलब्ध कराया जाता है. लागत के 50% तक का अनुदान मिल रहा है. जो भी किसान फूलों की खेती करना चाहते हैं, जिला उद्यान विभाग उनकी पूरी मदद करेगा. अधिक जानकारी के लिए विभाग में संपर्क कर सकते हैं.

About the Author

Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

homeagriculture

पेमेंट का इंतजार नहीं, आधा खर्च सरकार का, मेरठ में रजनीगंधा उगा रहे किसान



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हो सकता है आप चूक गए हों