Gardening Tips : पौधों की रुक गई ग्रोथ? गोबर के उपलों से बनाएं खाद, लद जाएंगे फूल, जानें तरीका
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Cow dung manure for Gardening : फरवरी का महीना चल रहा है. सर्दियां कम होने लगी हैं और गर्मी दस्तक दे रही है. ऐसा मौसम फूलों के लिए खतरनाक हो सकता है. बदलते मौसम के कारण अगर आपका पौधा भी मुरझा रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. लोकल 18 से बात करते हुए लखीमपुर खीरी के जिला उद्यान अधिकारी मृत्युंजय सिंह बताते हैं कि गोबर की उपलों से तैयार की गई खाद पौधों के लिए रामबाण है. गोबर की खाद मिट्टी की संरचना को भुरभुरी बनाती है. गेंदा, गुलाब, चमेली, गुड़हल, रजनीगंधा जैसे फूलों के लिए वरदान है.
अगर आपके गार्डन या बालकनी में रंग-बिरंगे फूलों के पौधे लगे हैं, लेकिन बदलते मौसम के कारण पौधा मुरझा रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. बदलते मौसम में पौधों की ग्रोथ रुक जाती है. पर्याप्त मात्रा में फूल खिलते नहीं है. अगर आपके फूलों की ग्रोथ भी रुक गई है तो आज हम ऐसी प्राकृतिक खाद के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके पौधों को दोबारा हरा भरा कर देगी.

लोग अपने घर में गुलाब के फूल जरूर लगते हैं. गुलाब का फूल देखने में सुंदर लगता है. बाजारों में इसकी डिमांड बढ़ती जा रही है. गुलाब के पौधों में इन दिनों गोबर के उपलों से बनी खाद डाल सकते हैं. इससे गुलाब के पौधे की ग्रोथ फिर से शुरू हो जाएगी. यह प्राकृतिक खाद मिट्टी की ताकत को बढ़ती है, जिससे पौधों को जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं.

सबसे पहले आप सूखे गोबर के उपलों को लेकर उसे छोटे-छोटे टुकड़े कर लें. इसके बाद उन उपलों को किसी बाल्टी या बर्तन में डालकर पानी भर कर रख दें. दो-तीन दिन ढका रहने दें. जब गोबर के उपले नरम हो जाएं तो बाहर निकाल कर अच्छी तरीके से मिला लें. इस खाद को गमले और गार्डन में डाल दें. इससे पौधे की ग्रोथ में वृद्धि होगी और फूल भी खूब आने लगेंगे.
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लोकल 18 से बात करते हुए लखीमपुर खीरी के जिला उद्यान अधिकारी मृत्युंजय सिंह बताते हैं कि गोबर की उपलों से तैयार की गई खाद पौधों के लिए बहुत ही फायदेमंद है. ध्यान रहे कि अधिक मात्रा में पौधों में खाद नहीं मिलनी चाहिए. एक गमले में 50 से 100 ग्राम खाद काफी है. खाद डालने के बाद अगर मिट्टी गीली हो तो पानी न डालें. गमले को ऐसी जगह रखें जहां अच्छी धूप मिल सके.

अगर आपके घरों में गेंदा के फूल लगे हैं. फरवरी में मौसम परिवर्तन होने से पौधे सूखने लगते हैं. पौधों के पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं. गेंदा के पौधे को धूप की जरूरत होती है. 5 से 6 घंटे अपने गमले को धूप में रख दें. महीने में दो बार वर्मी कम्पोस्ट या गोबर के उपलों की खाद डाल सकते हैं.

गोबर की सड़ी हुई खाद में नाइट्रोजन फास्फोरस और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो फूलों की बेहतर वृद्धि, अधिक कलियों और लंबे समय तक खिलने में मदद करते है. गोबर की खाद मिट्टी की संरचना को भुरभुरी बनाती है. गेंदा, गुलाब, चमेली, गुड़हल, रजनीगंधा जैसे फूलों के लिए गोबर की खाद वरदान है.