Ghaziabad News: घर पर बैठे देखा अमीर बनने का ऐड, क्लिक करते ही उड़ गए 39 लाख, अब रोते-रोते थाने पहुंची महिला
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Crime News Of UP: गाजियाबाद में एक महिला को फेसबुक पर आए एक विज्ञापन की संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना भारी पड़ा. अब महिला अपनी किस्मत को कोस रही है.
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां की एक महिला के साथ घर पर बैठे-बैठे करीब 39 लाख रुपये की ठगी हो गई. अब पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की है. आइए जानते हैं पूरा मामला…
‘मोतिलाल ओसवाल प्रोग्राम’ के नाम पर…
व्हाट्सएप ग्रुप में बबिता से आयुषी मेहता नाम की एक महिला ने संपर्क किया. उसने खुद को मोतिलाल ओसवाल वेल्थ एक्सेलेरेटर प्रोग्राम की कंसल्टेंट बताया. आयुषी ने उन्हें अपर सर्किट स्टॉक्स में निवेश करने की सलाह दी. यह कहते हुए कि इससे 5% तक मुनाफा मिलेगा और यह विशेष योजना सिर्फ अगस्त माह के लिए सीमित है. भरोसा जीतने के बाद आयुषी ने बबिता को MODMA नामक ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करने के लिए कहा और उन्हें एक्सक्लूसिव अकाउंट ओपनिंग ग्रुप में शामिल कर लिया.
ग्रुप में मौजूद एक अन्य सदस्य ने खुद को फर्म का मैनेजर बताते हुए बबिता को कुछ बैंक खातों के बारे में जानकारी दी. उन्हीं खातों में निवेश की रकम ट्रांसफर करने को कहा. बबिता ने 18 अगस्त से ऐप पर ट्रेडिंग शुरू की और ठगों द्वारा बताए गए शेयरों में पैसे लगाने लगीं. 18 अगस्त से 29 सितंबर के बीच उन्होंने करीब 39 लाख रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शनों में निवेश कर दिए.
मुनाफे का झांसा देकर मांगी और रकम
29 सितंबर को बबिता को बताया गया कि अब उन्हें प्रोग्राम से एग्जिट करना होगा. जब उन्होंने अगले दिन अपने ऐप वॉलेट से एक करोड़ रुपये निकालने का अनुरोध किया, तो उन्हें ग्रुप से बताया गया कि उनका लाभ 56.8 लाख रुपये है, लेकिन रकम निकालने के लिए उन्हें 20% यानी 11 लाख रुपये से अधिक ब्रोकरेज फीस के रूप में जमा करनी होगी. इसी मांग से बबिता को ठगी का संदेह हुआ. उन्होंने अपने परिचितों से सलाह ली, जिन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक निवेश घोटाला है.
साइबर पुलिस ने दर्ज की FIR
शिकायत के आधार पर एडीसीपी (साइबर एंड क्राइम) पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने साइबर टीमों का गठन कर जांच शुरू कर दी है.