Gorakhpur News : बिहार चुनाव से अचानक सीएम पहुंचे गोरखपुर, ऐसा क्या मिला जो अधिकारियों को लगाई फटकार, जानें
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Gorakhpur Latest News : गोरखपुर का यह पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर शहर के यातायात का बोझ कम करेगा और नई दिशा देगा. सीएम योगी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उनका लक्ष्य है कि जनवरी 2026 तक गोरखपुर आधुनिक और सुगम यातायात का मॉडल बने.
गोरखपुर : बिहार में रैलियों के बाद मंगलवार शाम सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर पहुंचे, जहां उन्होंने शहर के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया. काम में सुस्ती देखकर मुख्यमंत्री ने अफसरों को जमकर फटकार लगाई और निर्देश दिया कि जनवरी 2026 तक हर हाल में फ्लाईओवर तैयार होना चाहिए. उन्होंने गुणवत्ता और सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया. टीपीनगर चौक से पैडलेगंज मार्ग पर बन रहे सिक्सलेन फ्लाईओवर के निरीक्षण के दौरान सीएम योगी ने कार्यदायी संस्था से काम की प्रगति के बारे में जानकारी ली. उन्होंने पूछा कि बरसात खत्म होने के बावजूद कार्य में तेजी क्यों नहीं आई. अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिस पर सीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “मैनपावर बढ़ाइए, मशीनें बढ़ाइए और तय समय पर काम पूरा कीजिए.”
429 करोड़ की लागत से बन रहा गोरखपुर का पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर
सेतु निगम द्वारा बनाए जा रहे इस फ्लाईओवर की लागत 429 करोड़ 49 लाख रुपए है. फरवरी 2023 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को जनवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह फ्लाईओवर 2.6 किलोमीटर लंबा और 77 पिलरों वाला है, जिनमें से अब तक 55 पिलरों पर स्लैब डाले जा चुके हैं. अधिकारियों के मुताबिक, लगभग 72% कार्य पूरा हो चुका है.
अयोध्या की तर्ज पर फ्लाईओवर का सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश
सीएम योगी ने पिलर संख्या 18-19 के पास निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कहा कि फ्लाईओवर और नीचे की सर्विस रोड दोनों पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की जाए. उन्होंने निर्देश दिया कि अयोध्या की तर्ज पर पिलरों के नीचे की खाली जगह को सुंदर बनाया जाए, ताकि शहर की खूबसूरती और बढ़े. उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र शहर की पहचान बनेगा, इसलिए इसे आकर्षक बनाया जाए.
सुरक्षा और जलभराव से बचाव पर मुख्यमंत्री का फोकस
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फ्लाईओवर निर्माण के दौरान सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाए. सड़क की ढलान नालों की तरफ होनी चाहिए ताकि जलभराव की समस्या न बने. उन्होंने निर्देश दिया कि नालों पर स्लैब डाले जाएं और उन पर जालियां लगाई जाएं ताकि कचरा न जाए. सर्विस रोड का अलाइनमेंट भी सही बनाए रखने को कहा गया.