Ground report: रामपुरी चाकू पर सख्ती से कारोबार पर असर, व्यापारी बोले – सरकार बजट में दें राहत

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Ground report: रामपुरी चाकू पर सख्ती से कारोबार पर असर, व्यापारी बोले – सरकार बजट में दें राहत


Agency:News18 Uttar Pradesh

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Public Opinion:- सरकारी पाबंदियों के चलते रामपुरी चाकू के कारोबार पर असर पड़ा है. एक वक्त रामपुर में ढेरों कारखाने हुआ करते थे, लेकिन अब सिर्फ दो ही दुकानें बची हैं.

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Ground report:- रामपुरी चाकू पर सख्ती से कारोबार पर असर, व्यापारी बोले – सरकार ब

रामपुर का चाकू पूरे देश में अपनी पहचान रखता है. यह कारोबार 100 साल पुराना है और नवाबी दौर से चला आ रहा है. पहले इसे सेना के लिए तैयार किया जाता था, लेकिन बाद में यह आम लोगों तक पहुंच गया. एक समय था जब रामपुर में चाकू बनाने के सैकड़ों कारखाने थे और यहां से पूरे देश में चाकू भेजे जाते थे, लेकिन सरकार की पाबंदियों की वजह से यह कारोबार धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है.

रामपुर में अब सिर्फ दो दुकानें ही बची हैं, जहां चाकू बेचे जाते हैं. पहले यहां पूरा चाकू बाज़ार हुआ करता था, लेकिन अब यहां केवल दो दुकानें रह गई हैं. सरकार ने छह इंच से बड़े चाकू पर रोक लगा दी है, जिससे इसकी बिक्री पर असर पड़ा है. पहले दुकानदार दूसरे जिलों के मेलों और बाजारों में चाकू बेच सकते थे, लेकिन अब यह भी संभव नहीं है.

कारीगरों को हो रही है परेशानी

रामपुर के चाकू कारीगरों का कहना है कि लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया बहुत लंबी और मुश्किल है. पहले शहर में 400 से ज्यादा कारीगर थे, लेकिन अब सिर्फ छह लोग ही लाइसेंस लेकर चाकू बना रहे हैं. चाकू कारीगर इशरत अली बताते हैं कि वे 40 साल से चाकू बनाने का काम कर रहे हैं. हमारी सरकार से मांग है कि इस कारोबार पर लगी पाबंदियों को हटाया जाए, ताकि फिर से चाकू उद्योग फले-फूले.

व्यापारियों की मांग

रामपुर के चाकू कारोबारी शहजाद का कहना है कि अगर सरकार हमें दूसरे राज्यों में चाकू बेचने की अनुमति दे, तो हमारा कारोबार करोड़ों में पहुंच सकता है. अभी हम सिर्फ रामपुर में ही बेच सकते हैं, जिससे हमें नुकसान हो रहा है.

वहीं, चाकू विक्रेता शावेज खान कहते हैं कि सरकार को बजट में चाकू कारोबार को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं लानी चाहिए. अगर लाइसेंस प्रक्रिया आसान कर दी जाए, तो फिर से कई लोग इस काम से जुड़ सकते हैं.

डीएम ने दिया था जोर, लेकिन पाबंदी बरकरार

व्यापारियों का कहना है कि मुरादाबाद मंडलायुक्त आंजनेय कुमार जब रामपुर के डीएम थे, तब से पिछले 6-7 साल से चाकू कारोबार को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. उन्होंने कारीगरों की आर्थिक सहायता भी की थी और सरकार से इस उद्योग को बचाने की मांग की थी, लेकिन इसके बावजूद पाबंदियां कम नहीं हुई.

रामपुरी चाकू की पहचान बनी दुनिया का सबसे बड़ा चाकू

रामपुर में नैनीताल रोड पर 20 फीट लंबा दुनिया का सबसे बड़ा चाकू लगाया गया है. यहां रोज कई लोग आते हैं और इसकी फोटो खींचते हैं. लेकिन कारोबारियों का कहना है कि सिर्फ चाकू चौक बनाने से कुछ नहीं होगा, सरकार को इस उद्योग को फिर से मजबूत करने के लिए कदम उठाना होगा.

फिलहाल, अब चाकू कारीगर और व्यापारी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि बजट 2025-26 में सरकार उनके कारोबार को बढ़ाने के लिए कोई राहत देगी. अगर यह हुआ तो रामपुरी चाकू फिर से अपनी पुरानी पहचान वापस पा सकता है.

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