Health Tips : हार्मोनल बदलाव हो या ब्रेस्ट कैंसर, तुरंत मिलेगी मदद, बस करना होगा एक काम

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Health Tips : हार्मोनल बदलाव हो या ब्रेस्ट कैंसर, तुरंत मिलेगी मदद, बस करना होगा एक काम


नोएडा. यूपी में ग्रेटर नोएडा के GL बजाज इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के छात्र दीपक गुप्ता ने एक ऐसा AI-संचालित महिला स्वास्थ्य प्लेटफ़ॉर्म विकसित किया है जो भारत में महिलाओं के लिए डिजिटल हेल्थकेयर की दिशा में एक नई उम्मीद जगाता है. इस प्लेटफ़ॉर्म का नाम है SheSync, जो न केवल मासिक धर्म ट्रैकिंग बल्कि महिलाओं के संपूर्ण मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की देखभाल का भी स्मार्ट समाधान प्रदान करता है.

AI-संचालित स्मार्ट हेल्थ असिस्टेंट

दीपक गुप्ता के अनुसार, SheSync सिर्फ़ एक पीरियड ट्रैकर नहीं बल्कि एक “स्मार्ट हेल्थ असिस्टेंट” है. यह ऐप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से महिलाओं की जीवनशैली, मूड पैटर्न और स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण करता है. इसका लक्ष्य महिलाओं को उनके शरीर और मन से जुड़ी जानकारी वैज्ञानिक और संवेदनशील तरीके से उपलब्ध कराना है. यह तकनीक शुरुआती स्तर पर PCOD और PCOS जैसी बीमारियों की पहचान में मदद करती है. ऐप महिलाओं के हार्मोनल बदलावों, मूड स्विंग्स और स्वास्थ्य संकेतों को समझकर व्यक्तिगत सलाह प्रदान करता है. भविष्य में टीम इस ऐप को ब्रेस्ट कैंसर, थायरॉइड और एंडोमेट्रियोसिस जैसी गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान करने योग्य बनाने पर काम कर रही है.

AI हेल्थ डिटेक्शन और मल्टीलिंगुअल सपोर्ट से लैस फीचर्स

SheSync में कई उन्नत फीचर्स शामिल किए गए हैं. इसका AI हेल्थ डिटेक्शन सिस्टम स्मार्ट एल्गोरिद्म के जरिए संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती पहचान करता है. इससे महिलाएं समय रहते डॉक्टर से परामर्श लेकर सही कदम उठा सकती हैं. इस ऐप की एक और बड़ी विशेषता है इसका मल्टीलिंगुअल AI सपोर्ट. उपयोगकर्ता अपनी पसंद की भाषा में ऐप से संवाद कर सकती हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों वर्ग की महिलाएं इसे सहजता से इस्तेमाल कर सकती हैं. इसके अलावा, ऐप में ऑनलाइन विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां महिलाएं गाइनकोलॉजिस्ट और हेल्थ एक्सपर्ट्स से किसी भी समय सलाह ले सकती हैं.

महिलाओं के लिए सुरक्षित डिजिटल समुदाय

SheSync का एक और आकर्षक फीचर है इसका वैश्विक महिला समुदाय (Global Women Community). यह एक सुरक्षित डिजिटल स्पेस है जहां महिलाएं अपने अनुभव साझा कर सकती हैं, सवाल पूछ सकती हैं और एक-दूसरे से मानसिक समर्थन पा सकती हैं. इसके साथ ही, ऐप में मौजूद मेंटल हेल्थ गेम्स महिलाओं को तनाव कम करने और मूड स्विंग्स को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. यह सुविधा खासतौर पर उन महिलाओं के लिए उपयोगी है जो मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से जूझ रही हैं या काम और जीवन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं.

Go-To-Market रणनीति और भविष्य की योजनाएं

SheSync की Go-To-Market रणनीति के तहत इसे कॉलेज इनक्यूबेशन प्रोग्राम्स, महिला स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों और हेल्थ ब्रांड्स के सहयोग से लॉन्च किया जा रहा है. टीम का लक्ष्य है कि यह ऐप जल्द ही भारत की कई भाषाओं में उपलब्ध कराया जाए ताकि हर वर्ग की महिला इससे लाभ उठा सके. संस्थापक दीपक गुप्ता का कहना है, “SheSync मेरे लिए सिर्फ़ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक पहल है — महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर समाज में जागरूकता और सम्मान बढ़ाने की. हम चाहते हैं कि हर महिला को अपनी सेहत से जुड़ी सही जानकारी और विशेषज्ञ परामर्श एक क्लिक पर मिले.”

महिलाओं के स्वास्थ्य में तकनीकी क्रांति की शुरुआत

SheSync का विज़न स्पष्ट और प्रेरणादायक है — महिलाओं के स्वास्थ्य को सुलभ, समझने योग्य और प्राथमिकता वाला विषय बनाना. यह सिर्फ़ तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि एक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में बढ़ाया गया कदम है. AI, डेटा और सहानुभूति के मेल से SheSync उन लाखों महिलाओं के लिए आशा की किरण बन सकता है जो आज भी स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और सहायता की कमी से जूझ रही हैं. यह ऐप भारतीय टेक्नोलॉजी की शक्ति और युवाओं की संवेदनशील सोच, दोनों का प्रतीक बनकर उभर रहा है.



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