IFFCO का ये 25 रुपए वाला जुगाड़… बेकार पराली को बना देगा चमत्कारी खाद! जानें कैसे?
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Stubble Management Tips : अगर आप पराली से परेशान हैं या जुर्माने के डर से दुविधा में हैं, तो इफको का ये 25 रुपए वाला बायोडिकंपोजर आपके काम का जुगाड़ है. यह सस्ता और असरदार घोल बेकार पराली को चमत्कारी खाद में बदल देता है, जिससे न केवल खेतों की उर्वरक क्षमता बढ़ती है बल्कि अगली फसल का उत्पादन भी कई गुना बढ़ जाता है.
अमेठी : उत्तर प्रदेश सरकार ने पराली जलाने पर सख्त रुख अपनाया है. राज्य में अब किसी भी किसान को खेतों में फसल अवशेष जलाने की अनुमति नहीं है. ऐसा करने पर किसानों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई दोनों का प्रावधान किया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि पराली जलाने से पर्यावरण को नुकसान होता है और वायु प्रदूषण बढ़ता है, इसलिए इस पर किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी. प्रदेश में सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है ताकि खेतों में आग लगाने वालों की तुरंत पहचान हो सके.
नियमों के अनुसार, 2 एकड़ तक भूमि पर पराली जलाने पर ₹2,500, 2 से 5 एकड़ तक ₹5,000 और 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में पराली जलाने पर ₹15,000 तक जुर्माना लगाया जा सकता है. हाल ही में कई जिलों में कार्रवाई भी की गई है जैसे अंबेडकरनगर में दो किसानों पर ₹5,000 और ₹10,000 का जुर्माना लगा, जबकि शाहजहांपुर जिले में लगभग 70 मामलों में ₹1.40 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया.
पराली से खाद बनाने के फायदे
एक्सपर्ट के अनुसार धान और गन्ने की कटाई के बाद पराली को जलाना नहीं चाहिए जो किसान पेड़ी की फसल लेना चाहते हैं, उनके लिए पराली किसी खाद से भी ज्यादा काम करेगी. पराली को खेत में निस्तारित करना बेहद ही आसान है, वैज्ञानिकों द्वारा ऑर्गेनो डी कंपोजर तैयार किया गया है, जिसका छिड़काव करने से पता ही खेत में ही खाद में तब्दील हो जाएगी. इसके अलावा किसान बायो डी कंपोजर का छिड़काव करने के बाद खेत में पानी भर दें. 30 से 35 दिनों में गन्ने की पत्तियां सड़कर खाद में तब्दील हो जाएगी. बायो डी कंपोजर की कीमत मात्र 25 रुपए है.
ऐसे करें इस्तेमाल
अगर आप अपने खेतों में बायो डी कंपोजर का उपयोग करना चाहते हैं, तो कृषि रक्षा इकाई से 50 ग्राम बायोडिकंपोजर प्राप्त करें. इसके घोल को तैयार करने के लिए पहले 5 लीटर पानी में गुड़ मिलाकर गरम करें. जब यह पानी ठंडा हो जाए, तो उसमें 250 ग्राम बेसन डालकर घोल बनाएं. अब इस घोल में 50 ग्राम बायो डी कंपोजर मिलाएं और तैयार मिश्रण को मशीन से अपने खेतों में छिड़कें.यह पराली को सड़ाकर प्राकृतिक खाद में बदल देगा, जिससे खेतों की उर्वरक क्षमता में बढ़ोतरी होगी और फसल उत्पादन कई गुना तक बढ़ जाएगा.
किसानों के लिए फायदेमंद उर्वरक
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जी.पी. तिवारी ने बताया कि पराली प्रबंधन आज की आवश्यकता है और कृषि रक्षा इकाई इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है. इफको का यह बायोडिकंपोजर किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है. इसके प्रयोग से खेतों में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ेगी, मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी और फसलें रोगमुक्त रहेंगी. इससे कीटनाशकों की आवश्यकता भी कम हो जाएगी. डॉ. तिवारी ने किसानों से अपील की कि वे पराली प्रबंधन के लिए 100 प्रतिशत बायोडिकंपोजर का उपयोग करें, क्योंकि यही उपाय उनके खेतों और पर्यावरण दोनों के लिए सबसे अधिक लाभकारी साबित होगा.
मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें
मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु… और पढ़ें