IIT कानपुर ने बनाई सोलर डिहाइड्रेशन मशीन, रुकेगी फल और सब्जी की बर्बादी

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IIT कानपुर ने बनाई सोलर डिहाइड्रेशन मशीन, रुकेगी फल और सब्जी की बर्बादी


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आईआईटी कानपुर ने किसानों के लिए सोलर डिहाइड्रेटेड मशीन बनाई है जो फसल, फल और सब्जियां सुखाकर लंबे समय तक सुरक्षित रखेगी. इस तकनीक से फसल की बर्बादी रुकेगी और गुणवत्ता बनी रहेगी.

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सोलर डिहाइड्रेटेड मशीन

हाइलाइट्स

  • आईआईटी कानपुर ने बनाई सोलर डिहाइड्रेशन मशीन.
  • मशीन से फसल, फल और सब्जियां लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगी.
  • किसानों को सोलर मशीन का प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम शुरू.

कानपुर: कानपुर आईआईटी (IIT) अपने नए-नए आविष्कारों के लिए दुनियाभर में मशहूर है. आईआईटी कानपुर पहले भी किसानों के लिए कई उपयोगी उपकरण बना चुका है जिससे किसानों का काम बहुत आसान हुआ है. अब एक बार फिर आईआईटी कानपुर ने किसानों के लिए एक खास सोलर मशीन बनाई है जो उनकी फसल को सुखाने में मदद करेगी. कई बार किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिल पाता क्योंकि बहुत ज्यादा फसल होने पर उसे बाजार तक पहुँचाने में दिक्कत होती है. इस समस्या को सुलझाने के लिए आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने सोलर डिहाइड्रेटेड मशीन बनाई है. इस मशीन की मदद से किसान अपनी फसल, फल और सब्जियां सुखाकर उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं और बाद में अच्छे दामों पर बेच सकते हैं.

रुकेगी फसल की बर्बादी
आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मशीन पूरी तरह से सूरज की रोशनी से चलती है. इससे किसानों को अपनी फसल को सुरक्षित रखने के लिए किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा. इस मशीन में रखी गई फसल सूरज की गर्मी से प्राकृतिक तरीके से सूख जाती है जिससे उनका स्वाद और गुणवत्ता बनी रहती है और वो जल्दी खराब भी नहीं होती.

IIT कानपुर में शुरू हुआ प्रशिक्षण प्रोग्राम
किसानों को इस नई तकनीक के बारे में सिखाने के लिए आईआईटी कानपुर में एक खास कार्यक्रम भी शुरू किया गया है. रंजीत सिंह रोजी शिक्षा केंद्र की प्रमुख डॉ रीता सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम में किसानों को सोलर मशीन से फसल सुखाने का तरीका बताया जा रहा है. सबसे पहले शिवराजपुर के हरिया नेचर फार्मिंग प्रोड्यूसर कंपनी और लव कुश एफपीओ के किसानों को प्रशिक्षण दिया गया. डॉ रीता सिंह ने आगे बताया कि आईआईटी कानपुर के सहयोग से कानपुर में चार एफपीओ में यह मशीन लगाई जा रही है जहाँ किसान बिना किसी शुल्क के इस तकनीक को समझ सकते हैं. आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों में और फिर पूरे देश में इस तकनीक को पहुँचाने की योजना है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका फायदा मिल सके.

ऐसे काम करती है सोलर डिहाइड्रेटेड मशीन
डॉ रीता सिंह ने बताया कि इस मशीन में एक खास तरह का पैनल और स्टील का एक चेंबर लगा होता है. इसमें एक ट्रे होती है जिसमें सुखाई जाने वाली फसल रखी जाती है. यह ट्रे मशीन के अंदर एक ऐसे पैनल में रखी जाती है जो सूरज की रोशनी से गर्मी पैदा करता है. इस गर्मी और अंदर की गर्म हवा से फसल अच्छी तरह सूख जाती है. इस प्रक्रिया में निकलने वाला धुआं चिमनी के रास्ते बाहर निकल जाता है. उन्होंने बताया कि इस मशीन से सुखाई गई फसल में पोषक तत्व बने रहते हैं और उनके खराब होने का डर भी खत्म हो जाता है.

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