IPS Story: 22 घंटे में 13 डाकुओं को खत्म करने वाला आईपीएस, नाम सुनते ही थर-थर कांपते थे गैंगस्टर

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IPS Story: 22 घंटे में 13 डाकुओं को खत्म करने वाला आईपीएस, नाम सुनते ही थर-थर कांपते थे गैंगस्टर


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UPSC, IPS Ajay Raj Sharma: यह कहानी यूपी के कुख्यात अपराधी श्रीप्रकाश शुक्ला का खात्मा करने वाले जांबाज आईपीएस अजय राज शर्मा की है. उन्होंने चंबल के डाकुओं का भी सफाया किया था. अजय राज शर्मा ने पहली बार में संघ…और पढ़ें

IPS Ajay Raj Sharma, IPS Story: आईपीएस अजय राज शर्मा की कहानी..

हाइलाइट्स

  • अजय राज शर्मा ने 22 घंटे में 13 डाकुओं का सफाया किया था.
  • वह श्रीप्रकाश शुक्ला को खत्‍म करने वाली एसटीएफ के चीफ थे.
  • अजय राज शर्मा का 80 वर्ष की उम्र में निधन हुआ.

UPSC Success Story, IPS Ajay Raj Sharma: जब भी यूपी के अपराध और अपराधियों की चर्चा होती है, तो इसमें कुख्यात अपराधी श्रीप्रकाश शुक्ला का नाम जरूर आता है. श्रीप्रकाश शुक्ला वह गैंगस्टर था, जिसने यूपी के तत्कालीन सीएम कल्याण सिंह की सुपारी ली थी. इस सूचना ने उत्तर प्रदेश से लेकर देश की सियासत में खलबली मचा दी. आनन-फानन में श्रीप्रकाश शुक्ला के खात्मे के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया गया, और इस एसटीएफ की कमान जिस जाबांज आईपीएस को सौंपी गई, उनका नाम था अजय राज शर्मा. 1966 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय राज शर्मा आज इस दुनिया में नहीं रहे. 80 वर्ष की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन जब भी जांबाज आईपीएस अधिकारियों को याद किया जाएगा, उसमें अजय राज शर्मा का जिक्र जरूर आएगा. आइए, आपको बताते हैं कि यूपी के एक छोटे से गांव में जन्मे अजय राज शर्मा आईपीएस अधिकारी कैसे बने?

IPS Ajay Raj Sharma Biography: मिर्जापुर में जन्म, देहरादून से पढ़ाई
अजय राज शर्मा का जन्म यूपी के मिर्जापुर में हुआ था. उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई देहरादून के सेंट जोसेफ स्कूल से हुई थी. इसके बाद वह वर्ष 1956 में इलाहाबाद आ गए और वहां के क्रिश्चियन पब्लिक स्कूल से उन्होंने अपनी इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की. 12वीं के बाद अजय राज शर्मा ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और यहीं से 1965 में पोस्ट-ग्रेजुएशन भी किया.

IPS Ajay Raj Sharma UPSC Exam: पहली बार में पास की UPSC
अजय राज शर्मा ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका जन्म एक जमींदार परिवार में हुआ था, लिहाजा उनके घर पर पुलिस वाले आते-जाते रहते थे. इसलिए बचपन में ही उन्होंने पुलिस में जाने का मन बना लिया था. वह ग्रेजुएशन की पढ़ाई के साथ यूपीएससी की तैयारी भी करने लगे. इत्तेफाक ऐसा कि उन्होंने पहली बार में ही यूपीएससी परीक्षा पास कर ली और उनका सिलेक्शन आईपीएस के रूप में हो गया. एक साल की ट्रेनिंग के बाद 1966 में उन्हें यूपी कैडर का आईपीएस नियुक्त किया गया.

IPS Story : चंबल के डाकुओं का किया सफाया
आईपीएस बनने के बाद अजय राज शर्मा की पहली पोस्टिंग चंबल इलाके में हुई. इसी दौरान एक महिला डाकू ने एक सब-इंस्पेक्टर की हत्या कर दी, जिसके बाद अजय राज शर्मा का डाकुओं के प्रति नजरिया बदल गया. उन्होंने बदला लेने का मन बनाया, लेकिन तब तक उनका ट्रांसफर हो गया, लेकिन चार साल बाद जब उन्हें दोबारा उस इलाके में नियुक्ति मिली और उन्हें चंबल की घाटियों से डाकुओं का सफाया करने की जिम्मेदारी मिली. जिसका नाम रखा गया ऑपरेशन चंबल. उनकी अगुवाई में महज 22 घंटे में 13 डाकुओं को ढेर कर दिया गया. उत्‍तर प्रदेश में ऐसा पहली बार हुआ था जब इतने बड़े पैमाने पर एनकाउंटर हुए थे.

First STF Chief of UP: बने एसटीएफ चीफ
उत्तर प्रदेश में जब श्रीप्रकाश शुक्ला ने तत्कालीन सीएम कल्याण सिंह की सुपारी ली, तब प्रदेश में एसटीएफ का गठन किया गया और उसका मुखिया अजय राज शर्मा को बनाया गया. तब अजय राज शर्मा ने ही टीम बनाकर श्रीप्रकाश शुक्ला का खात्मा किया था. उसके बाद अजय राज शर्मा दिल्ली के भी कमिश्नर रहे, लेकिन अब 80 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. अजय राज शर्मा जैसे बहादुर अफसरों की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणादायी है, जो आगे चलकर आईपीएस बनना चाहते हैं.

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22 घंटे में 13 डाकुओं को खत्म करने वाला IPS, नाम सुनते ही कांपते थे गैंगस्टर



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