Jaunpur News: सुहागरात पर बुजुर्ग की मौत, पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा… मगर भतीजों ने FIR क्यों नहीं दर्ज कराई?
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Death Wedding Night:आज भी यह चर्चा कर रहे हैं कि आखिर भतीजों ने मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कराया, जबकि संदेह जाहिर करने का दावा उन्होंने ही किया था. बुजुर्ग की मौत भले ही रिपोर्ट में “प्राकृतिक” बताई गई हो, लेकिन 15 बिस्सा जमीन का भविष्य और नई दुल्हन मनभावती का आने वाला जीवन गांव की जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है.
जौनपुर. गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरूराम की शादी के अगले ही दिन अचानक मौत ने पूरे इलाके को हैरानी में डाल दिया. शुरुआती संदेहों और परिजनों के आरोपों के बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने पर खुलासा हुआ कि मौत का कारण ब्रेन हैमरेज और अचानक शॉक था. दिलचस्प यह रहा कि मृतक के पास अब भी लगभग 15 बिस्सा जमीन बची हुई है, जबकि शादी से पहले उसने करीब पांच बिस्सा जमीन बेचकर पांच लाख रुपये जुटाए थे. ऐसे में परिवार के भतीजों ने प्रकरण को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम तो कराया, लेकिन कोई मुकदमा दर्ज कराने की पहल नहीं की.
बुजुर्ग की शादी और नई शुरुआत की उम्मीद
गांव के संगरूराम की पत्नी का निधन एक वर्ष पहले हो गया था. संतानहीन होने और पत्नी से गहरे लगाव के कारण वह अकेलेपन में टूटने लगे थे. बुजुर्ग उम्र में खालीपन उन्हें भीतर से खाए जा रहा था. इसी बीच कुछ परिचितों की सलाह और खुद की बेचैनी के कारण उन्होंने दूसरी शादी करने का निर्णय लिया. दुल्हन के रूप में उन्हें 35 वर्षीय मनभावती मिली, जो पहले से विवाहिता रही और दो बच्चों की मां थी. दोनों ने कोर्ट मैरिज और मंदिर में विवाह कर नया जीवन शुरू करने का सपना देखा.
नई दुल्हन और बुजुर्ग का भरोसा
शादी के बाद सुहागरात पर संगरूराम ने पत्नी को आश्वस्त किया था कि “तुम तनाव मत लेना, खेत-बाड़ी और कमाई सब मैं संभाल लूंगा.” उन्होंने पत्नी को बच्चों पर ध्यान देने के लिए कहा और यह भरोसा दिलाया कि जिंदगी दोबारा खुशहाल होगी. शादी के खर्च के लिए उन्होंने अपनी जमीन का हिस्सा बेचकर लगभग 20 हजार रुपये खर्च किए और बाकी रकम बचा रखी. बावजूद इसके उनकी 15 बिस्सा जमीन अब भी शेष थी.
अचानक बिगड़ी तबीयत और मौत
शादी की खुशी कुछ ही घंटों की मेहमान रही. अगले ही दिन सुबह संगरूराम की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. हालत इतनी खराब हो गई कि उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. अचानक हुई इस मौत से गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया. कुछ लोगों ने नई दुल्हन की नीयत पर सवाल उठाए तो कुछ ने उम्र के असर और शारीरिक कमजोरी को वजह बताया.
भतीजों की चुप्पी और सवाल
घटना के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार रोकते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच कराई. रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट रूप से ब्रेन हैमरेज और शॉक बताया गया. इसके बाद भी भतीजों ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया, जिससे गांव में कानाफूसी और तेज हो गई. ग्रामीणों का कहना है कि बुजुर्ग के पास बची हुई 15 बिस्सा जमीन अब किसके हिस्से जाएगी, यही असली विवाद की जड़ है.
पुलिस की जांच और भविष्य की स्थिति
इस पूरे मामले पर केराकत के सीओ अजीत सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत प्राकृतिक कारणों से होना सामने आया है. थाना प्रभारी प्रवीण यादव ने भी पुष्टि करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में कोई आपराधिक पहलू नहीं दिखता, लेकिन विवेचना के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी. वहीं, गांव में लोग आज भी यह चर्चा कर रहे हैं कि आखिर भतीजों ने मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कराया, जबकि संदेह जाहिर करने का दावा उन्होंने ही किया था. बुजुर्ग की मौत भले ही रिपोर्ट में “प्राकृतिक” बताई गई हो, लेकिन 15 बिस्सा जमीन का भविष्य और नई दुल्हन मनभावती का आने वाला जीवन गांव की जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है.