Jhansi News : सड़क किनारे मिला झांसी की पहली महिला ऑटो चालक का शव, परिवार बता रहा हत्या, क्या बोली पुलिस?
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Jhansi first female auto driver death : झांसी की पहली महिला ऑटो चालक के रूप में मशहूर अनीता चौधरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. परिजनों ने इसे हत्या बताया है. उनका कहना है कि एक शख्स अनीता को काफी दिन से परेशान कर रहा था. सोने के जेवर और बैग गायब हैं. मोबाइल भी नहीं मिला. पुलिस ने अनीता को मौत को सड़क हादसा बताया है. हालांकि परिजनों के आरोपों की जांच कराने की बात भी कही है. मिशन शक्ति अभियान के दौरान अनीता सुर्खियों में आई थी.
झांसी. यूपी के झांसी में “मिशन शक्ति” को झटका लगा है. मिशन के तहत जिस महिला के ऑटो में बैठकर तत्कालीन डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक घूमे थे, संदिग्ध अवस्था में उसका शव मिला है. जिले की पहली महिला ऑटो चालक का शव रविवार देर रात स्टेशन रोड पर मिलने से हड़कंप मच गया. पहली महिला ऑटो चालक अनीता चौधरी की मौत की वजह हत्या है या कोई हादसा, इसे लेकर पुलिस और परिजन आमने-सामने हैं. अनीता का शव झांसी में सुकवा डुकवा कॉलोनी के पास सड़क के किनारे मिला, जिसे पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. परिजनों का कहना है कि रविवार की देर अनीता ऑटो लेकर स्टेशन रोड पर गई थीं. रात डेढ़ बजे के आसपास परिजनों को किसी ने फोन पर सूचना दी कि अनीता का शव स्टेशन रोड पर खून से लथपथ पड़ा है. परिजनों का आरोप है कि अनीता की हत्या की गई है. सोने के जेवरात और बैग गायब हैं. मोबाइल भी नहीं मिला.
कौन है मुकेश
परिजानों के मुताबिक, मुकेश झा नाम का शख्स अनीता के पीछे कई साल से पड़ा था. मुकेश और अनीता चौधरी ने काफी पहले एक कंपनी में एक साल कर काम भी किया. 2 महीने पहले अनीता को मुकेश ने रेलवे स्टेशन पर परेशान किया था. तब अनीता के साथी ऑटो चालकों ने मुकेश को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था. 2 महीने पहले नौबत थाने में आरोपी मुकेश के खिलाफ अनीता ने प्रार्थना पत्र दिया था, तब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की. परिवार का कहना है कि मुकेश थाने में एक दिन बंद होने के बाद खुद को अपमानित महसूस करने लगा और लगातार अनीता को धमकी दे रहा था.
आर्थिक स्थिति ठीक नहीं
अनीता के पति ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी. खुद फुटपाथ पर ठेला लगाता है. 5 साल पहले अनीता ने शहर में पहली बार ऑटो चलाया. ऑटो चलकर अनीता हर दिन 500 से 700 रुपये तक कमा लेती थी. जो भी पैसे कमाती, परिवार के भरण पोषण में लगाती. मिशन शक्ति अभियान के दौरान रेंज के डीआईजी और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक भी अनीता के ऑटो में बैठकर काफी देर घूमे थे. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहली नजर में अनीता की मौत सड़क हादसे में होने से हुई लगती है. शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस इस मामले में कार्रवाई करेगी. परिजनों ने जो भी आरोप लगाए हैं, उनकी भी जांच की जाएगी.
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