Kanpur News : अब नहीं भटकेंगे मरीज! GSVM में शुरू होगी आधुनिक टेस्टिंग लैब, सस्ती दरों पर होंगी सभी जांचें
कानपुर : कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज से जुड़े सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल से मरीजों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. अब अस्पताल परिसर में ही एक अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब तैयार की जा रही है, जहां भर्ती मरीजों को खून, पेशाब सहित किसी भी प्रकार की विशेष जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. पहले मरीजों को आवश्यक जांचों के लिए बाहरी पैथोलॉजी में भटकना पड़ता था, जिससे इलाज में देरी हो जाती थी, लेकिन नई सुविधा शुरू होने के बाद जांच और इलाज दोनों एक ही जगह मिल सकेंगे.
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि लैब के लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है और लगभग एक महीने के भीतर यह पूरी तरह शुरू हो जाएगी. इस लैब के चालू होने से कानपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के करीब 18 जिलों के मरीजों को भी फायदा मिलेगा. अब उन्हें जांच कराने के लिए दिल्ली, मुंबई या बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
निमहैंस बेंगलुरु से होगा करार
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में कई जटिल मामलों की जांच फिलहाल कानपुर में उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण सैंपल निमहैंस बेंगलुरु भेजे जाते हैं. जल्द ही कॉलेज का निमहैंस से औपचारिक एमओयू होगा. निमहैंस में जेनेटिक्स टेस्टिंग, इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी, नर्व बायोप्सी, इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री और न्यूरोपैथोलॉजी जैसी उच्च स्तरीय जांचें होती हैं. अस्पताल प्रभारी डॉ. मनीष सिंह के अनुसार, निमहैंस की रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरती है, जिससे डॉक्टर तुरंत उपचार शुरू कर पाते हैं. करार होने के बाद रिपोर्ट आने में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा.
सरकारी दरों पर मिलेंगी सभी जांचें
नई टेस्टिंग लैब में खून की जांच, KFT, LFT, लिपिड प्रोफाइल, रेडियोलॉजी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी सहित गंभीर बीमारियों की तमाम जांचें एक ही भवन में उपलब्ध होंगी. डॉ. काला ने बताया कि सभी जांचें सरकारी दरों पर ही की जाएंगी, जिससे मरीजों पर किसी तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा.
दवाइयां भी सस्ती, दलालों पर सख्ती
अस्पताल परिसर में जन औषधि केंद्र और अमृता फार्मेसी पहले से संचालित हैं, जहां मरीजों को कम कीमत पर दवाइयां उपलब्ध होती हैं. अब अस्पताल की पर्ची पर साफ लिखा जाएगा कि ‘दलालों से दूरी बनाए रखें’. यह कदम मरीजों और परिजनों को धोखाधड़ी से बचाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है.