Kanpur News: अमेरिका और ईरान का तनाव, 25% टैरिफ पर असर; कानपुर से ईरान निर्यात पर बढ़ी चिंता

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Kanpur News: अमेरिका और ईरान का तनाव, 25% टैरिफ पर असर; कानपुर से ईरान निर्यात पर बढ़ी चिंता


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Kanpur Business News: फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि कानपुर से ईरान को चमड़े के जूते और सुरक्षा जूते, मशीनरी से जुड़ा सामान, पशु आहार, फ्रोजन मीट, फल, बासमती चावल, दवाइयाँ और फार्मा उत्पाद, साथ ही टेक्सटाइल और रेडीमेड कपड़े भेजे जाते है. मौजूदा स्थिति में इन उत्पादों के निर्यात को लेकर कारोबारी सतर्क है और बाजार की चाल पर नजर बनाए हुए है. वही अभी आगे के लिए वे ऑर्डर नहीं ले रहे है.

कानपुरः अमेरिका और ईरान के बीच जारी राजनीतिक और आर्थिक तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है. इसी पृष्ठभूमि में ईरान से जुड़े व्यापार पर 25 प्रतिशत टैरिफ लागू होने से वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. इसका प्रभाव भारत-ईरान व्यापार पर भी पड़ा है. जिसका कुल आकार लगभग 1.6 से 1.7 अरब डॉलर है. बदलते हालात ने निर्यात से जुड़े कारोबारियों को सतर्क कर दिया है. उत्तर प्रदेश का औद्योगिक शहर कानपुर भी इस बदलते व्यापारिक माहौल से अछूता नहीं है. कानपुर से ईरान को होने वाला निर्यात अब नए जोखिमों और चुनौतियों के बीच फंसा हुआ नजर आ रहा है.

विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता पैदा कर दी है. प्रतिबंध, टैरिफ और कड़ी शर्तों के चलते कई देशों के व्यापारी नए सौदों को लेकर सावधानी बरत रहे है. भारत भी इस वैश्विक माहौल से प्रभावित हो रहा है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है.

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि कानपुर से ईरान को चमड़े के जूते और सुरक्षा जूते, मशीनरी से जुड़ा सामान, पशु आहार, फ्रोजन मीट, फल, बासमती चावल, दवाइयाँ और फार्मा उत्पाद, साथ ही टेक्सटाइल और रेडीमेड कपड़े भेजे जाते है. मौजूदा स्थिति में इन उत्पादों के निर्यात को लेकर कारोबारी सतर्क है और बाजार की चाल पर नजर बनाए हुए है. वही अभी आगे के लिए वे ऑर्डर नहीं ले रहे है.

व्यापारियों का कहना है कि 25 प्रतिशत टैरिफ और ईरान की आर्थिक स्थिति के चलते नए ऑर्डर मिलने में दिक्कतें आ रही है. भुगतान में देरी, मुद्रा में गिरावट और सौदों की अनिश्चितता ने चिंता बढ़ा दी है. कई निर्यातक फिलहाल नए समझौते करने से पहले हालात साफ होने का इंतजार कर रहे है.

कानपुर के उद्योग पहले से ही अंतरराष्ट्रीय टैरिफ दबाव झेल रहे है. अब अमेरिका-ईरान तनाव से उपजी यह नई स्थिति व्यापार के माहौल को और कठिन बना रही है. कारोबारियों का मानना है कि अगर हालात लंबे समय तक ऐसे रहे, तो निर्यात की गति पर असर पड़ सकता है.

अमेरिका-ईरान तनाव और 25 प्रतिशत टैरिफ ने भारत-ईरान व्यापार को अनिश्चित दौर में ला खड़ा किया है. कानपुर जैसे निर्यात केंद्रों में कारोबारी स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते है. यह वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करेगा. हालांकि ज्यादा प्रभाव इसका कानपुर या उत्तर प्रदेश पर नहीं पड़ेगा क्योंकि लगातार जिस प्रकार से सरकार ने बाजार ढूंढने के लिए बिजनेस ट्रेड मीट कर रही है. उससे निर्यातक नए बाजार तलाश रहे है.

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