Kanpur News : 51 लाख के नोटों से मां लक्ष्मी और कुबेर का श्रृंगार, देखें भक्ति और समर्पण का अद्भुत संगम

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Kanpur News : 51 लाख के नोटों से मां लक्ष्मी और कुबेर का श्रृंगार, देखें भक्ति और समर्पण का अद्भुत संगम


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Diwali Festival : उत्तर प्रदेश के कानपुर में इस बार दिवाली के अवसर पर धार्मिक और कलात्मकता का अनोखा संगम देखने को मिला. शहर के प्रसिद्ध आनंदेश्वर मंदिर में मां लक्ष्मी और धन कुबेर का श्रृंगार इस बार कुछ अलग अंदाज में किया गया. पहली बार मंदिर परिसर स्थित महालक्ष्मी कुबेर धाम में देवी-देवताओं का श्रृंगार 51 लाख रुपये के नोटों से किया गया.

कानपुर. मंदिर समिति के सदस्यों के अनुसार, यह पहली बार है जब इतनी बड़ी राशि के नोटों का उपयोग श्रृंगार के लिए किया गया है. श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए ₹10 से ₹500 तक के नोटों को मिलाकर यह श्रृंगार तैयार किया गया. इस दौरान मंदिर का संपूर्ण परिसर सिक्कों और नोटों की झिलमिलाहट से दैवीय आभा में नहाया हुआ नजर आया. मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की मूर्तियों के साथ-साथ मंदिर के मुख्य मंच को भी सुंदर आकृतियों से सजाया गया. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की क्षीरसागर प्रतिमा, कछुआ, शंख, कमल और लक्ष्मी चरण की आकृतियों को विभिन्न मूल्यवर्ग के नोटों से बनाया गया, जो देखते ही श्रद्धालुओं के मन को मोह लेने वाली थी.

भक्ति में समर्पण थी थीम, न कि धन का प्रदर्शन

मंदिर के पुजारी संजय त्रिपाठी ने बताया कि मां लक्ष्मी और धन कुबेर का यह श्रृंगार पूरी तरह भक्तों के दान से किया गया है. उनका कहना है कि यह श्रृंगार भक्ति और विश्वास का प्रतीक है, न कि धन के प्रदर्शन का.
उन्होंने कहा, “मां लक्ष्मी की आराधना में जो श्रद्धा और समर्पण होता है, वही असली पूजा है. इस श्रृंगार की थीम हमने ‘भक्ति में समर्पण’ रखी है ताकि लोग समझें कि भक्ति का अर्थ केवल दिखावा नहीं बल्कि आस्था का भाव है.” पुजारी ने बताया कि श्रृंगार पूर्ण होने के बाद सभी नोटों को सुरक्षित रूप से मंदिर समिति के पास जमा कर दिया जाएगा. यह श्रृंगार शुक्रवार तक प्रदर्शित रहेगा, और तब तक लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आ चुके हैं.

नोटों से बनी दिव्य आकृतियां बनी आकर्षण का केंद्र

मंदिर की दीवारों और मंचों पर इस बार नोटों से “जय माता दी” और “शुभ लाभ” जैसे संदेश भी लिखे गए हैं. मंदिर के चारों ओर केवल नोटों से बनी आकृतियां और सजावट दिखाई देती है. श्रद्धालुओं का कहना है कि यह श्रृंगार केवल सौंदर्य का प्रतीक नहीं बल्कि दैवीय ऊर्जा का अनुभव कराता है. कई भक्त इसे मां लक्ष्मी की कृपा और भक्तों के विश्वास का संगम बता रहे हैं. इस भव्य सजावट को देखने न केवल कानपुर शहर बल्कि फतेहपुर, उन्नाव, इटावा और लखनऊ जैसे आस-पास के जिलों से भी लोग पहुंचे. हर कोई मंदिर की इस सजावट को देखकर भाव-विभोर हो गया.

मंदिर प्रशासन ने की विशेष व्यवस्था

श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए हैं. मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे, बैरिकेडिंग, और भक्तों के लिए विशेष दर्शन पंक्तियां बनाई गई हैं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो. मंदिर समिति ने बताया कि दिवाली जैसे शुभ पर्व पर यह श्रृंगार मां लक्ष्मी के प्रति समर्पण और आस्था का प्रतीक है. इसे देखकर श्रद्धालुओं ने कहा कि यह केवल धन का नहीं बल्कि भक्ति का उत्सव है- जिसमें हर नोट श्रद्धा की माला का मोती बन गया है.

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51 लाख के नोटों से मां लक्ष्मी और कुबेर का श्रृंगार, देखें भक्ति का संगम



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