Kanpur News: जनता दर्शन में डीएम से महिला की भावुक अपील, बोली- मोंटी मेरा बच्चा है; मुझे वापस दिला दीजिए

0
Kanpur News: जनता दर्शन में डीएम से महिला की भावुक अपील, बोली- मोंटी मेरा बच्चा है; मुझे वापस दिला दीजिए


Last Updated:

Kanpur News: मामला कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र का है. यहां रहने वाली फरहा नाज नाम की महिला अपने पालतू कुत्ते “मोंटी” को लेकर जिलाधिकारी के जनता दर्शन में पहुंची. फरहा नाज का कहना था कि मोंटी उनका बच्चा है और उसके बिना वे बेहद परेशान है. फरहा नाज का आरोप था कि बिना किसी कानूनी आदेश के उनके पालतू कुत्ते को उनसे अलग कर दिया गया जो न सिर्फ गलत है बल्कि उनके और मोंटी दोनों के लिए मानसिक रूप से बेहद पीड़ादायक भी है. उन्होंने यह भी कहा कि मोंटी को उनसे अलग रखना उसके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है. महिला की भावुक अपील सुनने के बाद जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने उनका मोंटी उन्हें वापस कराया.

मोंटी के साथ नाज

कानपुरः कहते है पालतू जानवर सिर्फ जानवर नहीं होते वे परिवार का हिस्सा बन जाते है. ऐसा ही एक भावुक करने वाला मामला कानपुर से सामने आया. जहां एक महिला ने अपने पालतू कुत्ते को वापस पाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई. महिला की फरियाद पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और कुछ ही घंटों में उसका पालतू कुत्ता उसे वापस दिला दिया.

यह मामला कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र का है. यहां रहने वाली फरहा नाज नाम की महिला अपने पालतू कुत्ते “मोंटी” को लेकर जिलाधिकारी के जनता दर्शन में पहुंची. फरहा नाज का कहना था कि मोंटी उनका बच्चा है और उसके बिना वे बेहद परेशान है. फरहा नाज ने बताया कि उन्होंने 18 दिसंबर 2025 को अपने पालतू कुत्ते मोंटी को एक डॉग सेंटर में केवल तीन दिन के लिए फॉस्टर पर दिया था. शुरुआत में सब कुछ ठीक था. लेकिन जब 21 दिसंबर को मोंटी को वापस मांगा गया तो डॉग सेंटर संचालकों ने उसे लौटाने से मना कर दिया.

महिला का आरोप है कि बाद में उन्हें बताया गया कि मोंटी की तबीयत बिगड़ गई है और उसके साथ लापरवाही हुई है. महिला का कहना था कि उन्होंने मोंटी को पूरी तरह स्वस्थ हालत में सौंपा था. मोंटी एक आठ महीने का लकवाग्रस्त देसी कुत्ता है. जिसकी वह अपने बच्चे की तरह देखभाल करती है. फरहा नाज ने बताया कि मोंटी का इलाज वे समय-समय पर जाने-माने पशु चिकित्सक से कराती रही है और उसके सभी इलाज से जुड़े दस्तावेज और लाइसेंस उनके पास मौजूद है.

फरहा नाज का आरोप था कि बिना किसी कानूनी आदेश के उनके पालतू कुत्ते को उनसे अलग कर दिया गया जो न सिर्फ गलत है बल्कि उनके और मोंटी दोनों के लिए मानसिक रूप से बेहद पीड़ादायक भी है. उन्होंने यह भी कहा कि मोंटी को उनसे अलग रखना उसके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है. महिला की भावुक अपील सुनने के बाद जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने तुरंत मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए.

जिलाधिकारी के आदेश के बाद प्रशासन हरकत में आया और कुछ ही घंटों में मोंटी को महिला के सुपुर्द कर दिया गया. जब फरहा नाज को उनका पालतू कुत्ता वापस मिला तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे. मोंटी को सीने से लगाकर उन्होंने प्रशासन का आभार जताया. इस पूरे मामले ने यह साबित कर दिया कि अगर कोई अपनी बात सही तरीके से रखे तो प्रशासन भी संवेदनशीलता के साथ मदद करता है.

About the Author

authorimg

Manish Rai

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें

homeuttar-pradesh

डीएम से महिला की भावुक अपील, बोली- मोंटी मेरा बच्चा है; मुझे वापस दिला दीजिए



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *