Lucknow: राज बब्बर को मिली क्लीन चिट, 1996 चुनाव हिंसा मामले में हुए दोषमुक्त

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Lucknow: राज बब्बर को मिली क्लीन चिट, 1996 चुनाव हिंसा मामले में हुए दोषमुक्त


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Raj Babbar News: लखनऊ की MP-MLA कोर्ट ने कांग्रेस नेता राज बब्बर को 28 साल पुराने मारपीट मामले में बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है. 1996 के लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान अधिकारी से उलझने के आरोप में निचली अदालत ने उन्हें 2 साल की सजा सुनाई थी. राज बब्बर ने इस फैसले को चुनौती दी थी, जिसके बाद अब अदालत ने सजा रद्द कर उन्हें दोषमुक्त करार दिया. राज बब्बर ने इसे लोकतंत्र और न्याय की जीत बताया है.

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30 साल पुराने चुनाव अधिकारी से मारपीट मामले में राज बब्बर बरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति और बॉलीवुड के दिग्गज चेहरे राज बब्बर (Raj Babbar) के लिए बुधवार का दिन खुशियों भरी सौगात लेकर आया. लखनऊ की विशेष MP-MLA कोर्ट ने करीब 28 साल पुराने एक आपराधिक मामले में राज बब्बर को बड़ी राहत देते हुए उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया है. कोर्ट ने न केवल राज बब्बर को दोषमुक्त करार दिया, बल्कि निचली अदालत द्वारा उन्हें सुनाई गई दो साल की कैद की सजा को भी रद्द कर दिया है.

क्या था पूरा मामला?
यह मामला साल 1996 के लोकसभा चुनावों का है. उस समय लखनऊ सीट से भाजपा की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी चुनाव लड़ रहे थे और उनके खिलाफ समाजवादी पार्टी ने पहली बार राज बब्बर को मैदान में उतारा था. मतदान के दिन 2 मई 1996 को लखनऊ के वजीरगंज क्षेत्र में एक मतदान केंद्र पर फर्जी वोटिंग की शिकायतों को लेकर हंगामा हुआ था.

आरोप था कि तत्कालीन सपा प्रत्याशी राज बब्बर ने अपने साथियों के साथ मिलकर मतदान केंद्र में घुसकर चुनाव अधिकारियों के साथ मारपीट की और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई. इस मामले में मतदान अधिकारी श्री कृष्ण सिंह राणा ने वजीरगंज थाने में राज बब्बर, अरविंद यादव और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी.

निचली अदालत ने सुनाई थी सजा
इस मामले का ट्रायल लंबे समय तक चला. 7 मार्च 2020 को राज बब्बर के खिलाफ आरोप तय किए गए थे. सुनवाई के दौरान ही एक अन्य आरोपी अरविंद यादव की मृत्यु हो गई थी. 7 जुलाई 2022 को लखनऊ की निचली अदालत (विशेष अदालत) ने राज बब्बर को दोषी मानते हुए उन्हें 2 साल के कारावास और 8,500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी.

अपील और अब कोर्ट का फैसला
राज बब्बर ने निचली अदालत के इस फैसले को MP-MLA कोर्ट में चुनौती दी थी. उन्होंने दलील दी थी कि उन पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित थे. लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, बुधवार को अदालत ने उनकी अपील को स्वीकार कर लिया. कोर्ट ने माना कि साक्ष्यों के अभाव और परिस्थितियों को देखते हुए सजा बरकरार नहीं रखी जा सकती, जिसके बाद उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया गया.

बरी होने पर क्या बोले राज बब्बर?
फैसले के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राज बब्बर ने भावुक अंदाज में कहा, ‘मैं देश के लोकतंत्र और संविधान में अटूट आस्था रखता हूं. उस समय के राजनीतिक माहौल में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के उद्देश्य से मुझ पर इस तरह की कार्रवाइयां की गई थीं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थीं. मैं कांग्रेस का सिपाही हूं और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए मेरा संघर्ष जारी रहेगा.’

कांग्रेस खेमे में खुशी की लहर
यूपी कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राज बब्बर के बरी होने पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इसे न्याय की जीत बताया है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि 1996 में राज बब्बर की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर विपक्ष ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश रची थी, जिसका पर्दाफाश आज अदालत के फैसले से हो गया है.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें



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