Magh Mela 2026 Live: मकर संक्रांति पर 9 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, आज है माघ मेला का दूसरा शाही स्नान
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Magh Mela Makar Sankranti Shahi Snan Live News: मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान करने से व्यक्ति को पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है. इस दिन किए जाने वाले स्नान को शाही स्नान के नाम से भी जाना जाता है. ब्रह्म …और पढ़ें
माघ मेला लाइव
प्रयागराज: संगम की रेती पर आयोजित हो रहे माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व मकर संक्रांति के पहले संगम तट पर आस्था का सैलाब उमड़ा बड़ा है. एकादशी के पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम के विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. सुबह 6 बजे तक साढ़े 9 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई है. माघ मेले की पल-पल की खबरें जानने के लिए जुड़े रहें न्यूज 18 के इस लाइव ब्लॉग से…
January 14, 202609:44 IST
आज स्नान कब करें?
मकर संक्रांति के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना सर्वोत्तम माना जाता है. सूर्योदय से पहले या सूर्य उदय के समय स्नान करने से पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है. स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देना विशेष फलदायी होता है. आज के बाद अब अगला शाही स्नान 18 जनवरी यानी कि मौनी अमावस्या पर होगा.
January 14, 202609:43 IST
माघ मेला 2026 प्रमुख स्नान तिथियां
03 जनवरी: पौष पूर्णिमा (संपन्न)
14 जनवरी: मकर संक्रांति
18 जनवरी: मौनी अमावस्या
23 जनवरी: बसंत पंचमी
1 फरवरी: माघी पूर्णिमा
15 फरवरी: महाशिवरात्रि
January 14, 202609:42 IST
22 साल का शख्स बना संत
संगम नोज पर न्यूज 18 की मुलाकात एक ऐसे युवा संत से हुई जो महज 22 वर्ष की उम्र में सांसारिक मोह माया त्याग कर सन्यास धारण कर चुका है. युवा संत के गंगा स्नान के बाद जब हमने उससे बात की तो उन्होंने अपना नाम यश्वनी दास बताया. मगर, हमने जब उनके सांसारिक जीवन का वास्तविक नाम पूछा तो कहा कि वह यूपी के रायबरेली जिले के रहने वाले हैं और उनका वास्तविक नाम अमर कलम रस्तोगी था. सन्यास धारण करने के बाद अब वह यश्वनी दास बन चुके हैं.
January 14, 202609:41 IST
22 साल का
संगम नोज पर न्यूज 18 की मुलाकात एक ऐसे युवा संत से हुई जो महज 22 वर्ष की उम्र में सांसारिक मोह माया त्याग कर सन्यास धारण कर चुका है. युवा संत के गंगा स्नान के बाद जब हमने उससे बात की तो उन्होंने अपना नाम यश्वनी दास बताया. मगर, हमने जब उनके सांसारिक जीवन का वास्तविक नाम पूछा तो कहा कि वह यूपी के रायबरेली जिले के रहने वाले हैं और उनका वास्तविक नाम अमर कलम रस्तोगी था. सन्यास धारण करने के बाद अब वह यश्वनी दास बन चुके हैं.